सरस्वती विद्या मंदिर बालिका खंड में दीपावली और छठ महापर्व की दिखी भव्य छटा, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रामायण और छठ घाट की प्रस्तुति से मोहा मन
नृत्य, गीत, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ विद्यालय परिसर, दीप निर्माण, कक्षा सज्जा और रंगोली प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर के सिविल लाइंस स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में दीपावली एवं लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के उपलक्ष्य में भव्य त्योहारोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाटिका, शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर के भैया-बहनों ने नृत्य, गीत, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा और पर्वों की महत्ता को जीवंत कर दिया। पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सराबोर रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कन्याभारती की जयंती प्रमुख अनन्या ओझा ने विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों, अभिभावकों एवं समिति के सदस्यों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। समारोह का मुख्य आकर्षण वाटिका के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों की प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने रामायण की कथा और छठ घाट के मनोरम दृश्य को मंच पर प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। वहीं शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर की बहनों ने दीपावली और छठ पूजा की थीम पर आधारित नृत्य, अभिनय एवं सुरीले गीतों के माध्यम से अपनी भक्ति और श्रद्धा का सुंदर प्रदर्शन किया। उनकी आकर्षक प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर भैया-बहनों के बीच दीप निर्माण, कक्षा सज्जा एवं विभिन्न वस्तुओं से रंगोली निर्माण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। कार्यक्रम में आमंत्रित अभिभावकों एवं विद्यालय समिति के सदस्यों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की हृदय से सराहना की। विद्यालय समिति की सम्मानित अध्यक्ष श्रीमती पूनम देवी ने आभार ज्ञापन एवं आशीर्वचन करते हुए कहा कि दीपावली, छठ और होली जैसे पर्व सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम और भाईचारे के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की सभी दीदीजी ने सामूहिक रूप से मधुर एवं लयबद्ध छठ गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रधानाचार्य श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पर्व-त्योहारों के माध्यम से बच्चों को जीवन के संस्कार, सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं की सीख देना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कार्यक्रम को उत्साहवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।




