साबित खिदमत फाउंडेशन एवं ह्यूमन राइट सोशल जस्टिस, बक्सर के तत्वावधान में मनाया गया विश्व पोलियो दिवस
केक काटकर एवं बैनर के माध्यम से लोगों को पोलियो की दो बूंद खुराक के प्रति किया गया जागरूक

न्यूज़ विज़न। बक्सर
विश्व पोलियो दिवस के अवसर पर साबित खिदमत फाउंडेशन एवं अस्पताल, चीनी मिल, बक्सर के परिसर में साबित खिदमत फाउंडेशन तथा ह्यूमन राइट सोशल जस्टिस, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान केक काटकर विश्व पोलियो दिवस मनाया गया तथा बैनर के माध्यम से लोगों को पोलियो की दो बूंद खुराक के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर साबित खिदमत फाउंडेशन एवं अस्पताल के निदेशक तथा रोटरी क्लब बक्सर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाना जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर है। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए नियमित टीकाकरण और पोलियो की खुराक पिलाने के प्रति लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।
डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि भारत ने पोलियो उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत में वर्ष 2011 में पोलियो वायरस का अंतिम मामला सामने आया था और वर्ष 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत सहित पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र को पोलियो-मुक्त प्रमाणित किया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में स्वास्थ्यकर्मियों, समाजसेवियों, सरकारी प्रयासों और रोटरी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने रोटरी इंटरनेशनल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पोलियो उन्मूलन के वैश्विक अभियान में रोटरी ने लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में पोलियो वायरस का प्रसार अब भी चिंता का विषय है। इसलिए पोलियो के प्रति सतर्कता बनाए रखना और प्रत्येक बच्चे तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।
डॉ. आलम ने पोलियो वैक्सीन के विकास का उल्लेख करते हुए बताया कि डॉ. जोनस साल्क द्वारा विकसित निष्क्रिय पोलियो वैक्सीन (IPV) को वर्ष 1955 में उपयोग के लिए लाइसेंस मिला था। इसके बाद डॉ. अल्बर्ट साबिन द्वारा विकसित ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) ने भी पोलियो उन्मूलन अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज भी पोलियो से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
उन्होंने आम नागरिकों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे पोलियो उन्मूलन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा प्रत्येक पात्र बच्चे को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं।
कार्यक्रम में समाजसेवियों में एमडी साहब राज, रुक्साना, राम बेलाल, रितेश, सलीम, रितू, ब्रजेश, कलाम, दीपक, मनीष कुमार, राहुल कुमार, सुनील कुमार, नसीम, मुख्तर, अरुण सिंह, अरुण कुमार, हलीम, उर्मिला एवं अंजू सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने पोलियो उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और लोगों को जागरूक करने तथा प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया गया कि पोलियो से बचाव के लिए जागरूकता, नियमित टीकाकरण और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
संदेश: “दो बूंद जिंदगी की—हर बच्चे तक पोलियो की खुराक, पोलियो-मुक्त भारत का संकल्प रहे बरकरार।”




