श्रीराम के राजतिलक और फूलों की होली के साथ 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव का भव्य समापन
किला मैदान में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, मुख्य पार्षद कमरून निशा और सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय ने की शिरकत; उत्कृष्ट झांकियों और सहयोगियों को किया गया सम्मानित

न्यूज़ विज़न। बक्सर
श्री रामलीला समिति, बक्सर के तत्वावधान में नगर के ऐतिहासिक किला मैदान स्थित रामलीला मंच पर आयोजित 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव का अंतिम दिन प्रभु श्रीराम के भव्य राजतिलक और फूलों की होली के मनोहारी मंचन के साथ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। वृंदावन से पधारे श्री बाल कृष्ण रासलीला एवं रामलीला मंडल के संचालक स्वामी श्री मोहन श्याम भारद्वाज के कुशल निर्देशन में प्रस्तुत अंतिम लीला ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक, माताओं द्वारा आरती और फूलों की होली के दृश्य जैसे ही मंच पर प्रस्तुत हुए, पूरा रामलीला मैदान ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान रामचरितमानस की चौपाई— “प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा, पुनि सब विप्रन्ह आयसु दीन्हा। सुत विलोकी हर्षित महतारी, बार-बार आरती उतारी॥” के माध्यम से श्रीराम के राज्याभिषेक की पावन परंपरा का भावपूर्ण चित्रण किया गया।
भरत मिलाप के बाद शुरू हुई राजतिलक की तैयारी
मंचन में दिखाया गया कि भरत मिलाप के पश्चात प्रभु श्रीराम अपने भाइयों एवं नगरवासियों से मिलते हुए सर्वप्रथम माता कैकेयी के महल पहुंचते हैं। माता कैकेयी से भेंट करने के बाद वे अपने महल में पहुंचकर तीनों माताओं और राजपरिवार के सदस्यों से मिलते हैं। इसके बाद गुरु वशिष्ठ जी को अपने साथ आए सखाओं का परिचय कराते हैं। गुरु वशिष्ठ जी मंत्री सुमंत को बुलाकर प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां प्रारंभ करने का निर्देश देते हैं। देखते ही देखते अवधपुरी को भव्य रूप से सजाया जाता है। हाथी, घोड़े, ऊंट और राजकीय वैभव के विभिन्न प्रतीकों के साथ राजतिलक की शोभा बढ़ाई जाती है। शुभ मुहूर्त में गुरु वशिष्ठ जी सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम के मस्तक पर तिलक लगाते हैं। इसके बाद ब्राह्मणों एवं गणमान्य लोगों द्वारा तिलक किया जाता है। अपने प्रिय पुत्र को राजसिंहासन पर आसीन देखकर माताएं भावविभोर हो उठती हैं और बार-बार उनकी आरती उतारती हैं। राज्याभिषेक का यह दृश्य मर्यादा, त्याग, धर्म, कर्तव्य और आदर्श शासन व्यवस्था का संदेश देता नजर आया।
फूलों की होली ने बांधा समां
राजतिलक के बाद फूलों की होली का उल्लासपूर्ण आयोजन हुआ। वृंदावन से आए कलाकारों ने समिति के सदस्यों के साथ जमकर फूलों की होली खेली। फूलों की वर्षा और भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालु भी इस आनंदमय वातावरण में झूमते नजर आए। इसके साथ ही 20 दिनों से चल रहे विजयादशमी महोत्सव का भावपूर्ण समापन हुआ।
एसडीपीओ बोले- रामलीला हमारी सांस्कृतिक विरासत की वाहक
अंतिम दिन नगर परिषद, बक्सर की मुख्य पार्षद श्रीमती कमरून निशा एवं सदर एसडीपीओ श्री गौरव पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। समिति की ओर से दोनों अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में एसडीपीओ श्री गौरव पांडेय ने कहा कि रामलीला जैसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन हमारी समृद्ध भारतीय परंपरा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक एकता के महत्वपूर्ण वाहक हैं। प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, न्याय और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने के साथ समाज में आपसी सद्भाव एवं भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए श्री रामलीला समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सराहना करते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। मुख्य पार्षद श्रीमती कमरून निशा ने कहा कि बक्सर की ऐतिहासिक रामलीला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। विजयादशमी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। प्रभु श्रीराम के आदर्श हमें सत्य, सेवा, त्याग और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
उत्कृष्ट झांकियों को मिला पुरस्कार
कार्यक्रम से पूर्व आयोजित सम्मान समारोह में भरत मिलाप के अवसर पर विभिन्न पूजा पंडालों एवं संस्थाओं द्वारा निकाली गई आकर्षक झांकियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को आर. के. ज्वेलर्स के सौजन्य से शील्ड, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। झांकी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार “राम-लक्ष्मण द्वारा अहिल्या उद्धार” विषयक झांकी के लिए तुरहा टोली के राजकुमार जी को प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार “नरसिंह अवतार में हिरण्यकश्यप का वध” विषयक झांकी के लिए जई मोहल्ला के शुभम वर्मा एवं राहुल कुमार को दिया गया। वहीं तृतीय पुरस्कार “राधा रानी एवं बांके बिहारी जी” की मनोहारी झांकी के लिए बड़ी देवी के शुभम केसरी एवं सागर वर्मा को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में शामिल अन्य झांकियों को भी प्रोत्साहन स्वरूप सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सहयोगियों और कलाकारों का भी हुआ सम्मान
20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव को सफल बनाने में आर्थिक, सामाजिक एवं व्यवस्थागत सहयोग देने वाले गणमान्य नागरिकों, व्यवसायियों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में इंद्र लोक वाणी के मनोज कुमार, शिवा पाईप के अनुराग पांडेय (बबलू पांडेय), आनंद टाइल्स के महेश भोतिका, राजकुमार पापड़ी के राजकुमार जी, महर्षि मिष्ठान भंडार के संजय गुप्ता, वैष्णो स्वीट एवं गणेश कलर लैब के राजेश चौरसिया सहित अन्य लोग शामिल रहे। इसके अतिरिक्त रामलीला एवं कृष्णलीला के सफल, अनुशासित और आकर्षक मंचन के लिए श्री बाल कृष्ण रासलीला एवं रामलीला मंडल, वृंदावन के स्वामी श्री मोहन श्याम भारद्वाज को समिति की ओर से अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। उनके कुशल निर्देशन में पूरे महोत्सव के दौरान प्रस्तुत धार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
समिति ने सभी सहयोगियों के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के राजगद्दी आयोजन की जिम्मेदारी संयोजक संजय सर्राफ ने निभाई, जबकि समिति के कोषाध्यक्ष सुरेश संगम ने कार्यक्रम का संचालन किया। समिति के सचिव बैकुंठनाथ शर्मा ने स्वागत भाषण एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। धन्यवाद ज्ञापन के दौरान समिति की ओर से महोत्सव को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर परिषद, मीडिया कर्मियों, व्यवसायियों, सामाजिक संगठनों, कलाकारों, स्वयंसेवकों और जिले की समस्त जनता के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समिति ने कहा कि बक्सर की ऐतिहासिक रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नगर की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता की जीवंत परंपरा है। सभी के सहयोग से ही इस महोत्सव को भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न कराना संभव हुआ।
इस अवसर पर समिति के सचिव बैकुंठनाथ शर्मा, संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुरेश संगम, लाइसेंसदार कृष्ण कुमार वर्मा, कमलेश्वर तिवारी, उदय सर्राफ जोखन, राजकुमार गुप्ता, चिरंजीलाल चौधरी, रेडक्रॉस के प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश जायसवाल, राजेश चौरसिया, प्रियेश, ब्रजमोहन सेठ, सुशील मानसिंहका, अनील मानसिंहका, सुमित मानसिंहका, सुरेंद्र सिंह, प्रफुल्ल चंद्र सिंह, धर्मेंद्र मालाकार के अलावा पूर्व वार्ड पार्षद एवं चेयरमैन प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरिदी सहित समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




