कन्या पूजन में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, हिंदू-मुस्लिम बच्चियों का हुआ पूजन
नवज्योति बक्सर एवं राजेश्वर पांडेय मेमोरियल ट्रस्ट की पहल; कन्याओं को पूजन के साथ वितरित की गई पठन-पाठन सामग्री

न्यूज विज़न। बक्सर
नवरात्र की नवमी के पावन अवसर पर सदर प्रखंड के चुरामनपुर स्थित विद्यालय परिसर में नवज्योति बक्सर एवं राजेश्वर पांडेय मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में कन्या पूजन सह पठन-पाठन सामग्री वितरण समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और बालिका शिक्षा को समर्पित इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों की बच्चियों का देवी स्वरूप मानकर पूजन किया गया। आयोजन ने आपसी सौहार्द और मानवीय समानता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसमें धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर बेटियों के सम्मान को सर्वोपरि रखा गया।
कार्यक्रम में नवज्योति, हावड़ा से आए शिक्षक एवं समाजसेवी डॉ. अरविंद मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज से छितेश्वर प्रसाद तथा शिक्षक प्रभात मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि कन्या पूजन में हिंदू और मुस्लिम सहित विभिन्न धर्मों की बच्चियों को समान श्रद्धा और सम्मान के साथ शामिल किया गया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि बेटियों का सम्मान किसी धर्म, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं है। बच्चियों में देवी का स्वरूप देखना तभी सार्थक है, जब समाज की प्रत्येक बेटी को समान अवसर, सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान मिले। कार्यक्रम ने सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक एकता के उस मूल भाव को उजागर किया, जिसमें इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।
इस अवसर पर बच्चियों के बीच स्कूल बैग, पानी की बोतल, लंच बॉक्स, कॉपी, कलर, पेंसिल, रबर, शार्पनर सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। साथ ही उन्हें चिप्स, केक एवं अन्य खाद्य सामग्री भी प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य बच्चियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनके शैक्षणिक सफर को सहयोग देना था।
राजेश्वर पांडेय मेमोरियल ट्रस्ट के सेटलर धीरज पांडेय ने बताया कि इस प्रकार का आयोजन पिछले चार वर्षों से लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि बेटियों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी व्यक्त करने का अवसर भी है। समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब प्रत्येक बच्ची को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों।
वहीं, ट्रस्टी धर्मेंद्र पांडेय ने बच्चियों के पैर पखारकर उनकी विधिवत पूजा-अर्चना की तथा उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया। इस दौरान श्रद्धा, सेवा और आत्मीयता का भाव देखने को मिला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में नवज्योति बक्सर की ओर से विजय जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अतिरिक्त निहारिका पांडेय, सिंपल तिवारी, राहुल कुमार, राजकुमार, नंदनी कुमारी, आफरीन अख्तरी, हरिशंकर, फूल कुमारी, संगीता, मंजु देवी, सोनी देवी, पूनम एवं अभिमन्यु कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस आयोजन ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि बेटियों की पहचान उनके धर्म से नहीं, बल्कि उनके अधिकारों, सपनों और संभावनाओं से होनी चाहिए। कन्या पूजन की सार्थकता तभी है, जब हर बेटी को सम्मान मिले, हर बच्ची शिक्षित हो और धर्म के नाम पर समाज में कोई भेदभाव न हो। आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और शिक्षा के माध्यम से ही एक समरस, संवेदनशील एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।




