ACCIDENT

एनएच-922 पर रफ्तार का कहर : तेज रफ्तार थार ने मजदूर को रौंदा, मौके पर मौत

पांच घंटे तक एनएच जाम, मुआवजे के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने खोला रास्ता; परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से मचा कोहराम

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) पर शनिवार की दोपहर तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र में कृष्णाब्रह्म अंडरपास से करीब 100 मीटर आगे हुआ। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-922 को करीब पांच घंटे तक जाम कर दिया। जाम के कारण राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।

 

मृतक की पहचान कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़का ढकाईच गांव निवासी राम प्रवेश सिंह के इकलौते पुत्र 40 वर्षीय दीनबंधु कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दीनबंधु कुमार पिछले कई वर्षों से पीएनसी कंपनी के अंतर्गत मजदूरी करते हुए अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह एनएच-922 के डिवाइडर पर लगी झाड़ियों की देखभाल का काम करते थे।

 

खाना खाकर ड्यूटी पर जा रहे थे दीनबंधु

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर दीनबंधु कुमार अपने घर से खाना खाकर ड्यूटी के लिए निकले थे। जैसे ही वह कृष्णाब्रह्म अंडरपास से करीब 100 मीटर आगे पहुंचे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार थार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीनबंधु की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़का ढकाईच गांव के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जुट गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-922 को जाम कर दिया।

मुआवजे की मांग पर अड़े रहे परिजन

जाम की सूचना मिलते ही कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस के साथ नया भोजपुर और ब्रह्मपुर थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। ब्रह्मपुर के सर्किल इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। परिजनों की ओर से कुल दो लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई थी। करीब पांच घंटे तक चले गतिरोध के बाद शाम लगभग पांच बजे पीएनसी कंपनी की ओर से तत्काल 50 हजार रुपये का चेक दिया गया। वहीं, शेष डेढ़ लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया और एनएच-922 पर आवागमन सामान्य हो सका।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

जाम हटने के बाद कृष्णाब्रह्म पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कृष्णाब्रह्म के प्रभारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि फिलहाल परिजनों की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन का पता लगाने में जुटी है।

2013 से पीएनसी में कर रहे थे मजदूरी

बताया जाता है कि दीनबंधु कुमार बेहद गरीब परिवार से थे और वर्ष 2013 से पीएनसी कंपनी में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। परिवार में उनकी 20 वर्षीय पुत्री सिमरन और 15 वर्षीय पुत्र रितिक राज हैं। दीनबंधु की असमय मौत के बाद दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

दीनबंधु कुमार की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों के अनुसार वह परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य और मुख्य सहारा थे। उनकी मौत से परिवार के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-922 पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर काम करने वाले मजदूरों और आम राहगीरों की सुरक्षा के लिए वाहन चालकों की गति पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं।

 

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