गंगा का जलस्तर 59.59 मीटर पर स्थिर, खतरा निशान से 73 सेंटीमीटर दूर
दोपहर 12 बजे के बाद थमा नदी का बढ़ना, रामरेखा घाट के दोनों विवाह मंडप जलमग्न; निचले इलाकों में बढ़ी सतर्कता


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच रविवार को दोपहर बाद जिलेवासियों ने कुछ राहत की सांस ली। कई दिनों से लगातार ऊपर चढ़ रहा गंगा का जलस्तर रविवार को दोपहर 12 बजे के बाद 59.59 मीटर पर स्थिर हो गया। हालांकि नदी अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है और खतरा निशान के काफी करीब पहुंच चुकी है, जिससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बरकरार है।
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम छह बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.59 मीटर दर्ज किया गया। बक्सर में गंगा का चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर, जबकि खतरा निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से गंगा का जलस्तर खतरा निशान से महज 73 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि रविवार दोपहर 12 बजे के बाद जलस्तर में वृद्धि नहीं होने से फिलहाल लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
रामरेखा घाट के दोनों विवाह मंडप जलमग्न
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब बक्सर के प्रमुख रामरेखा घाट पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को घाट स्थित पुराने विवाह मंडप में पानी प्रवेश कर गया था। वहीं रविवार तक जलस्तर बढ़ने के बाद रामरेखा घाट के दोनों विवाह मंडप पूरी तरह जलमग्न हो गए। इससे घाट पर रहने वाले पंडा बंधुओं और अन्य लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पानी बढ़ने के साथ घाट पर होने वाली सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं। नदी का पानी लगातार घाट के निचले हिस्सों की ओर फैल रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
ग्रामीण इलाकों में भी पहुंचने लगा पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। सिमरी प्रखंड क्षेत्र के गंगौली पंचायत में जनेश्वर मिश्रा गंगा पुल की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी पहुंच गया है। वहीं चौसा में निर्माणाधीन पावर प्लांट के कुछ हिस्सों में भी गंगा का पानी प्रवेश करने की सूचना है। इससे आसपास के क्षेत्रों में संभावित बाढ़ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी के बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने की जरूरत महसूस की जा रही है।
शहर के निचले इलाकों पर भी नजर
बक्सर शहर में सोन नहर के किनारे और अन्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में मामूली वृद्धि भी निचले इलाकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में लोग लगातार नदी के जलस्तर और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर नजर रख रहे हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरा निशान से नीचे है और तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। बावजूद इसके नदी के खतरा निशान के बेहद करीब पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों की ओर से गंगा के जलस्तर के साथ-साथ नदी के आसपास के निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। रविवार को दोपहर 12 बजे के बाद जलस्तर के 59.59 मीटर पर स्थिर होने से लोगों को फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन नदी का पानी खतरा निशान से केवल 73 सेंटीमीटर नीचे होने के कारण स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में आने वाले घंटों में जलस्तर में होने वाले बदलाव पर सभी की निगाहें टिकी हैं।





