पंचायत चुनाव में देरी पर कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ का सरकार पर हमला, विनोद मौर्य बोले— जनप्रतिनिधियों का अपमान बर्दाश्त नहीं
परिसीमन और रोस्टर के नाम पर चुनाव टालने का आरोप, समय पर चुनाव कराने की मांग; जल्द फैसला नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी क्रम में बक्सर कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार मौर्य ने बिहार सरकार से निर्धारित समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग करते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव नहीं कराया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है और इससे लाखों निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंच रही है।
विनोद कुमार मौर्य ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन और आरक्षण रोस्टर का हवाला देकर पंचायत चुनाव को अनावश्यक रूप से टाल रही है। उन्होंने कहा कि परिसीमन और रोस्टर तय करना पूरी तरह सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि इन प्रक्रियाओं में देरी हुई है तो इसका खामियाजा पंचायत प्रतिनिधियों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री स्वयं अनुबंध पर बने हुए हैं, ऐसे में वे पंचायत चुनाव को लेकर कोई ठोस और प्रभावी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने सरकार से जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने की अपील की।
मौर्य ने कहा कि मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य तथा प्रमुख जैसे निर्वाचित प्रतिनिधि जनता के विश्वास से चुने गए हैं। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद समय पर चुनाव नहीं कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि परिसीमन, आरक्षण रोस्टर और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर पंचायत चुनाव की तिथि की तत्काल घोषणा की जाए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार जल्द ही पंचायत चुनाव को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती है, तो जनप्रतिनिधियों के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।





