BPSC में बक्सर के आदित्य प्रजापति का परचम, स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर बने; नागरिक अभिनंदन में उमड़ा समाज
नई बाजार स्थित आवास पर हुआ भव्य सम्मान समारोह, समाज के बुद्धिजीवियों ने बताया युवाओं के लिए प्रेरणा; सफलता का श्रेय माता-पिता और बहन को दिया


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर शहर के नया बाजार निवासी चंद्रभूषण जी के पुत्र आदित्य प्रजापति ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले और पूरे प्रजापति समाज का नाम रोशन किया है। आदित्य का चयन राज्य सरकार के प्रतिष्ठित प्रशासनिक पद स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर (पोस्ट रैंक-133) पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल बक्सर बल्कि संपूर्ण प्रजापति समाज में खुशी और गौरव का माहौल है।
इस ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा बक्सर के तत्वावधान में आदित्य प्रजापति के नया बाजार स्थित आवास पर भव्य बधाई, सम्मान एवं नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के शिक्षाविदों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया और आदित्य को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, माला एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
“संगठन और शिक्षा में ही असली शक्ति” : अमरनाथ प्रजापति
समारोह को संबोधित करते हुए समिति के जिला अध्यक्ष अमरनाथ प्रजापति ने कहा कि आदित्य ने कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है और युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने वाली है। उन्होंने कहा कि जब समाज का एक युवा आगे बढ़ता है तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
ग्रामीण परिवेश से प्रशासनिक सेवा तक का सफर प्रेरणादायक : डॉ. श्वेत प्रकाश
एमवी कॉलेज बक्सर के प्रोफेसर डॉ. श्वेत प्रकाश ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में आदित्य जैसे योग्य युवाओं का चयन समाज के बौद्धिक विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा में सफलता यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा केवल कठोर परिश्रम और निरंतरता की मोहताज होती है।
अनुशासन और सही रणनीति का परिणाम है सफलता : डॉ. देवकरण प्रसाद प्रजापति
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवकरण प्रसाद प्रजापति ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और वैज्ञानिक सोच आवश्यक होती है। आदित्य की उपलब्धि युवाओं के लिए यह संदेश है कि सही दिशा में किया गया प्रयास निश्चित रूप से सफलता दिलाता है।
समाज के लिए मील का पत्थर बनेगी उपलब्धि : अशोक कुमार प्रजापति
जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं रोहतास जिला संगठन प्रभारी अशोक कुमार प्रजापति ने कहा कि आदित्य की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे समाज की वैचारिक और सामाजिक जीत है। उन्होंने कहा कि युवाओं का उच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंचना समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
वहीं प्रदेश सचिव सह जिला सचिव उपेंद्र प्रसाद प्रजापति ने कहा कि यह क्षण पूरे बिहार के प्रजापति समाज के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि आदित्य की उपलब्धि ने समाज के युवाओं के भीतर नया आत्मविश्वास पैदा किया है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
भावुक हुए आदित्य, बहन को बताया सफलता का सबसे बड़ा आधार
सम्मान समारोह के दौरान आदित्य प्रजापति ने अपनी सफलता की यात्रा साझा करते हुए इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता और विशेष रूप से अपनी बहन को दिया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कई बार निराशा के क्षण आए, लेकिन उनकी बहन ने हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया। आदित्य ने भावुक होते हुए कहा, “मेरी बहन ने मुझे कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने मानसिक रूप से मेरा हौसला बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी हर कदम पर सहयोग किया। यह सफलता और सम्मान मेरे परिवार, विशेष रूप से मेरी बहन के त्याग और विश्वास की जीत है।” इस अवसर पर उनके पिता चंद्रभूषण जी ने भी समाज द्वारा दिए गए सम्मान और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया।
इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
समारोह में मनोज प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति (एलआईसी अभिकर्ता एवं एमडीआरटी), रामचीज प्रजापति (पूर्व अध्यक्ष), रामजी प्रजापति, महेंद्र प्रसाद प्रजापति, भरत प्रसाद प्रजापति, भरत जी प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, अमित प्रजापति (मीडिया प्रभारी), जग नारायण प्रजापति, बबन प्रसाद प्रजापति, धीरेंद्र कुमार प्रजापति, विवेक कुमार प्रजापति, बालाजी प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आदित्य प्रजापति की यह उपलब्धि न केवल बक्सर जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम और परिवार का सहयोग किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की सबसे बड़ी ताकत है।





