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आँचल जायसवाल ने रचा सफलता का इतिहास, 70वीं BPSC में 420वीं रैंक हासिल कर बनीं स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर

शिवपुरी की प्रतिभाशाली बेटी ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर पाई बड़ी सफलता, पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
जिले के नगर क्षेत्र स्थित शिवपुरी मोहल्ला की रहने वाली आँचल जायसवाल ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बक्सर का नाम पूरे बिहार में रोशन कर दिया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 420वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर के प्रतिष्ठित पद पर सफलता अर्जित की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और पूरे जिले में हर्ष एवं गर्व का माहौल है।

 

आँचल जायसवाल बक्सर के शिवपुरी मोहल्ला की निवासी हैं। उनके पिता ठाकुर जायसवाल एक व्यवसायी हैं। परिवार से मिले सहयोग, संस्कार और निरंतर प्रोत्साहन ने आँचल की सफलता की राह को मजबूत बनाया। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं आँचल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बक्सर में पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का रुख किया, जहां से उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।

 

अनुशासित तैयारी और कठिन परिश्रम का मिला प्रतिफल
BPSC जैसी चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करना लाखों युवाओं का सपना होता है। इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए वर्षों की तैयारी, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। आँचल जायसवाल ने भी इसी मंत्र को अपनाया और लगातार मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया। 70वीं BPSC परीक्षा में 420वीं रैंक प्राप्त कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पद पर चयनित होना उनकी प्रतिभा और समर्पण का परिचायक है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का संकल्प मजबूत हो, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

बक्सर की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
आँचल जायसवाल की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बक्सर सहित पूरे बिहार की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता हासिल कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या विशेष संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उनकी उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आँचल ने अपने समर्पण और मेहनत से यह संदेश दिया है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर प्रयास ही मंजिल तक पहुंचाता है।

बधाइयों का लगा तांता
आँचल जायसवाल की सफलता की खबर सामने आते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। समाज के विभिन्न वर्गों, शिक्षकों, मित्रों, शुभचिंतकों एवं स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि आँचल ने न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे बक्सर जिले का मान बढ़ाया है। बक्सर की इस प्रतिभाशाली बेटी की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है और यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

 

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