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जिला परिषद सदस्यों का अर्धनग्न प्रदर्शन, डीडीसी पर मनमानी का आरोप; तीसरे दिन आंदोलन हुआ और उग्र

जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और विकास योजनाओं में सहभागिता नहीं मिलने से नाराज जिला परिषद सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर जिला परिषद कार्यालय परिसर में जिला परिषद सदस्यों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन ने मंगलवार को नया और तीखा रूप तब ले लिया, जब कई जिला परिषद सदस्य अर्धनग्न होकर धरना स्थल पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, विशेषकर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) पर मनमानी करने तथा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। जिला परिषद सदस्यों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को प्रशासन के समक्ष रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी शिकायतों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसी कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

 

विकास योजनाओं में सहभागिता नहीं मिलने से नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिला परिषद से संबंधित योजनाओं और विकास कार्यों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। इससे न केवल जनप्रतिनिधियों की भूमिका प्रभावित हो रही है, बल्कि आम जनता से जुड़े विकास कार्य भी बाधित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के सदस्यों को क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों की सबसे अधिक जानकारी होती है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उनके सुझावों और प्रस्तावों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना को ठेस पहुंच रही है।

 

“लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की बात सुनी जानी चाहिए”
प्रदर्शन के दौरान जिला परिषद सदस्यों ने कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। लेकिन उनकी मांगों और सुझावों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। उनका कहना था कि पहले दो दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना और विरोध प्रदर्शन किया गया, लेकिन जब प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तब मजबूर होकर उन्हें अर्धनग्न प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा।

राजीव कुमार के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
इस विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार ने किया। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में जिला परिषद सदस्य और उनके प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल हुए। आंदोलन में जिला परिषद सदस्य पूजा देवी, धर्मेंद्र ठाकुर, सहाना खातून, सदस्य प्रतिनिधि अशोक यादव, मनोज कुशवाहा समेत कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और व्यापक
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द वार्ता कर समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
जिला परिषद कार्यालय परिसर में घंटों चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों की भीड़ भी जुटी रही। अर्धनग्न प्रदर्शन के बाद यह आंदोलन जिले में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जिला परिषद सदस्यों के साथ संभावित वार्ता पर टिकी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और इस गतिरोध का समाधान कैसे निकलता है।

 

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