डीडीसी के खिलाफ जिला परिषद सदस्यों का हल्ला बोल, अफसरशाही और मनमानी के आरोपों के बीच 30 जून तक चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
भुगतान लंबित रखने, विकास योजनाओं में देरी और प्रस्तावों की अनदेखी का लगाया आरोप, जिला परिषद कार्यालय के समक्ष किया जोरदार प्रदर्शन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिला परिषद बक्सर के डीडीसी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ गुरुवार को जिले के सभी जिला परिषद सदस्यों ने जिला परिषद कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अफसरशाही, मनमानी, दुर्व्यवहार, तानाशाही और जनता के विकास विरोधी रवैये का आरोप लगाते हुए 18 जून से 30 जून तक चरणबद्ध आंदोलन चलाने की घोषणा की।
प्रदर्शन के दौरान जिला परिषद सदस्यों ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 तथा 2024-25 की 15वीं वित्त षष्ठम एवं पंचम वित्त योजना के तहत प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद भी कराए गए विकास कार्यों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और संबंधित एजेंसियों एवं जनप्रतिनिधियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला परिषद की सामान्य बैठकों में पारित प्रस्तावों का अब तक अनुपालन नहीं किया गया है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 की 15वीं वित्त षष्ठम एवं पंचम वित्त योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिला परिषद डाक बंगला का डीपीआर बनने के बावजूद अब तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिससे महत्वपूर्ण विकास कार्य अटके हुए हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद की लगभग 1100 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण है और यदि उसे अतिक्रमण मुक्त कर पीपीपी मॉडल पर मार्केट, मैरिज हॉल एवं दुकानों का निर्माण कराया जाए तो जिले के विकास के साथ-साथ सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। जिला परिषद सदस्यों ने डीडीसी पर मनमानी, अहंकारी रवैया और जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक 18 जून से 30 जून तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में केदार सिंह, राजीव कुमार यादव, धर्मेंद्र ठाकुर, ममता देवी, बेबी देवी समेत जिले के अनेक जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे।
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