अस्पतालों और होटलों पर अग्निशमन विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई संस्थानों को नोटिस जारी, मॉक ड्रिल भी कराई
बक्सर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की हुई व्यापक जांच, अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल और लॉज को ऑनलाइन एनओसी एवं अग्नि अंकेक्षण पूरा करने का निर्देश


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को अनुमंडल अग्निशामालय बक्सर की ओर से व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अनुमंडल अग्निशमालय पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, सहायक अग्निशमन पदाधिकारी भानु प्रताप एवं अन्य कर्मियों की संयुक्त टीम ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल, लॉज, गेस्ट हाउस तथा अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा प्रबंधन, विद्युत भार विश्लेषण एवं अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया।
निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन नहीं पाया गया, उन्हें सीलिंग नोटिस जारी करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अग्नि सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन करने, आवश्यक अनुमतियों के प्रमाण प्रस्तुत करने तथा एलपीजी सिलेंडरों से संबंधित अनिवार्य स्व-घोषणा पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। अभियान के दौरान होटल रिवर फ्रंट (पीपी रोड), पल्स हॉस्पिटल (जासो रोड) एवं नेहा नर्सिंग होम (कोइरपुरवा) को अग्नि अंकेक्षण के लिए नोटिस जारी किया गया तथा उनसे स्व-घोषणा पत्र भी प्राप्त किया गया। वहीं, दिव्यलोक चिकित्सा केन्द्र (नेहरू नगर) से अग्नि सुरक्षा स्व-घोषणा पत्र लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस संस्थान का अग्नि अंकेक्षण प्रमाण पत्र पहले से निर्गत है। प्रकाश यूरो स्टोन एंड किडनी केयर, बक्सर से विद्युत भार घोषणा पत्र लिया गया तथा उसका अग्नि अंकेक्षण ऑनलाइन प्रक्रिया में है।
होटल रॉयल प्लाजा एवं होटल श्याम इन (अंबेडकर चौक) से विद्युत भार घोषणा पत्र प्राप्त कर प्रपत्र ‘व’ के तहत नोटिस जारी करते हुए अग्नि अंकेक्षण किया गया तथा सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा संगम फैमिली रेस्टोरेंट, होटल अनिता पैलेस, होटल विजय श्री, होटल अप्सरा, मां वैष्णवी भोजनालय, शिवा हॉस्पिटल, शिव रमा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, दामोदर क्लिनिक, मॉडर्न जांच घर, होटल एम्बेसडर गोलंबर तथा लाइफलाइन हॉस्पिटल बाईपास रोड में अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से विस्तृत अग्नि अंकेक्षण एवं मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
निरीक्षण टीम ने सभी संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिया कि वे आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूर्ण करने के बाद ऑनलाइन एनओसी एवं अग्नि सुरक्षा ऑडिट पोर्टल के माध्यम से अपनी प्रक्रिया पूरी करें, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





