कजरिया हनुमत महायज्ञ का पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन, विधायक संतोष कुमार निराला ने लिया रामकथा का रसास्वादन
मानस बाल विदुषी शिखा तिवारी सहित दर्जनों अतिथियों और सहयोगियों का हुआ सम्मान, श्रद्धा-भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ महायज्ञ


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत कजरिया गांव में आयोजित हनुमत महायज्ञ का समापन पूर्णाहुति के साथ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हो गया। महायज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। पूर्णाहुति कार्यक्रम के अवसर पर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान राजपुर विधायक संतोष कुमार निराला विशेष रूप से यज्ञ स्थल पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।
शनिवार की शाम आयोजित कार्यक्रम में विधायक संतोष कुमार निराला ने रात्रि में आयोजित रामकथा का श्रवण किया तथा आयोजन समिति द्वारा आयोजित स्वागत एवं सम्मान समारोह में भाग लिया। शाम करीब सात बजे कथा कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कथा आरंभ होने से पूर्व महायज्ञ के सफल आयोजन के उपलक्ष्य में भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक संतोष कुमार निराला ने व्यासपीठ पर विराजमान काशी-वाराणसी की पावन धरती से पधारीं प्रसिद्ध मानस बाल विदुषी एवं कथावाचक शिखा तिवारी को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिखा तिवारी ने भी विधायक को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं प्रसाद देकर सम्मानित किया। दोनों के बीच हुए सम्मान आदान-प्रदान ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
इसके पश्चात विधायक के कर-कमलों से विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों एवं आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में जदयू जिलाध्यक्ष राज कुमार शर्मा, कांग्रेस प्रदेश सचिव कामेश्वर पाण्डेय, ग्रामीण सुजीत कुमार पाण्डेय, ठाकुर दयाल पाण्डेय, नंद गोपाल पाण्डेय, पत्रकार चंद्रकेतु पाण्डेय, बबलू पाण्डेय, नागपुर पंचायत के पूर्व मुखिया अमित राय, नंद जी यादव, दीनदयाल उर्फ भुवर पाण्डेय, सर्वेश्वर पाण्डेय, भूषण पाण्डेय समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे। आयोजन समिति द्वारा मंच पर उपस्थित सभी कलाकारों को भी अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने रामकथा का रसपान किया और धर्म, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को सुना।

महायज्ञ के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति में भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान कजरिया गांव धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में स्थापित रहा और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए महायज्ञ के सफल आयोजन का श्रेय जनसहयोग और भगवान हनुमान की कृपा को दिया।





