बारिश से खेतों में आई नमी, कृषि विशेषज्ञ ने मूंग लगाने की दी सलाह
मूंग की खेती कर फली तोड़ने के बाद हरे पौधे का करें हरी खाद के रूप में उपयोग


न्यूज विजन। बक्सर
बीती रात हुई बारिश किसानों के लिए वरदान साबित होगी। बारिश से एक ओर जहां गर्मी से राहत मिली है वहीं दूसरी ओर इसका सीधा फायदा खेती में मिलेगा। कृषि विज्ञान केन्द्र के पादप सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ रामकेवल ने बताया कि कल शाम में हुई बारिश से खेतों में नमी आ गई है। चना, मसूर, गेहूं और मसूर फसल की कटनी हो चुकी है। फिलहाल खेत परती है। उन्होंने कहा कि खेत में आई नहीं का लाभ लेते हुए किसान खेतों में मूंग बीज का छिड़काव कर रोटावेटर या कल्टीवेटर कृषि यंत्र से मिला दें। इसके बाद पट्टा चला दें। ऐसा कर किसान एक पटवन का खर्च बचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी मौसम में दो-तीन दिन मौसम में नमी रहेगी, जिसके चलते अंकुरण प्रभावित नहीं होगा।
केविके के विशेषज्ञ डॉ रामकेवल ने कहा कि खेतों में बुवाई किए गए मूंग फसल का एक फ्री तोड़ने के बाद पौधा को खेतों में ही पलट दें। ऐसा करने से वह हरी खाद के रूप में मिट्टी में मिल जाएगा। इससे यूरिया की भरपाई होगी। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ एक बोरी यूरिया की बचत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दलहनी फसलों के जड़ में नाइट्रोजन को स्थिर करने वाले जीवाणु होते हैं, जिसे राइजोबियम कहते हैं।
डॉ रामकेवल ने बताया कि मूंग फसल की बुवाई से जहां किसानों को दाल फसल मिलेगा वहीं फली तोड़ने के बाद उसके हरे पौधे को खेतों में पलट हरी खाद के रूप में उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।





