सतुआनी संक्रांति: रामरेखा घाट और पहुंचपथ पर कब्जे से श्रद्धालुओं को हो सकती है परेशानी
रामरेखा घाट की सीढ़ियों पर पर पंडा जी के द्वारा रखा गया है सैकड़ों चौकी


न्यूज विजन। बक्सर
रामरेखा घाट की सीढ़ियों पर पंडा जी के द्वारा लगाए गए सैकड़ों चौकी से सतुआनी संक्रांति के दिन श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सतुआनी संक्रांति हिन्दुओं के प्रमुख पर्वों में से एक है। पंडित विद्याधर मिश्रा ने बताया कि आगामी 14 अप्रैल को सतुआनी संक्रांति मनाया जाएगा। बता दें कि आज के दिन शहर के अति पौराणिक रामरेखा घाट पर सबसे अधिक भीड़ होती है। लोग गंगा स्नान के लिए 13 अप्रैल से ही श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचने लगता है। सतुआनी संक्रांति के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु उत्तरायणी गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाते हैं। अलसुबह से लेकर शाम तक गंगा स्नान और दान-पुण्य का सिलसिला चलते रहता है। सतुआनी संक्रांति से खरमास समाप्त हो जाता है और शुभ कार्य आरंभ हो जातें हैं, जैसे मुंडन संस्कार से लेकर शादी-ब्याह, तिलक, गृह प्रवेश आदि।
सतुआनी संक्रांति पर्व के महज चार दिन शेष रह गये हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने गुरुवार को रामरेखा घाट पर पहुंच हालात की जांच की। पड़ताल में गंगा घाट और पहुंचपथ की जो स्थिति दिखी उसे देख ऐसा प्रतीत हुआ कि मकर संक्रांति के रोज यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। रामरेखा घाट की सीढ़ियों पर सैकड़ों की संख्या में चौकी लगाई गई है। ऐसे में गंगा के तट तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को कसरत करना पड़ेगा। इस दिन भीड़ की ऐसी स्थिति रहती है कि घाट पर पैर रखने तक की जगह नहीं बचती है। ऐसे में पंडा लोगों द्वारा लगाए गये सैकड़ों चौकी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी की वजह बन सकती है।
रामरेखा घाट जाने वाले रास्ते में दुकानदारों का कब्जा है। सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ पर अतिक्रमण किये जाने के चलते सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। स्टील के बैरिकेडिंग से आगे बढ़कर दुकानदार दुकान लगा रहे हैं। आम दिनों में इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सतुआनी संक्रांति के दिन श्रद्धालुओं की बेतहाशा भीड़ होती है। बक्सर जिले के अलावा आरा जिला व सीमावर्ती उत्तर प्रदेश से श्रद्धालु यहां पर गंगा स्नान के लिए आते हैं।





