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डॉ देवकरन ने कहा -शून्य जुताई तकनीक का उपयोग कर समय से करें बुवाई

कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से अतरौना गांव में प्रक्षेत्र दिवस कार्यक्रम का किया गया आयोजन

न्यूज विजन। बक्सर
जलवायू अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अन्तर्गत बक्सर जिले के इटाढ़ी प्रखंड के अतरौना गांव में शून्य जुताई विधि द्वारा प्रदर्शित गेंहूं की उन्नत प्रजाति डीवीडब्ल्यू-222 तथा डीवीडब्ल्य-316 पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र बक्सर के द्वारा किया गया। मौके पर पैक्स अध्यक्ष समेत आंमत्रित अतिथियों एवं उपस्थित किसान प्रतिभागियों को स्वागत करते हुए कृृषि विज्ञान के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ देवकरन ने किसानों को शून्य जुताई तकनीकी का उपयोग करते हुए समय से फसल बुआई के लाभों के बारे मे जागरूक किया।

 

विशेषज्ञ हरिगोबिन्द ने किसानों के बताया कि धान की फसल के उपरांत गेंहूं की उन्नत प्रजातियां डीवीडब्ल्यू-222 की समय से बुवाई कर औसतन 44 से 46 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि डीवीडब्ल्य-316 देर से बोई जानेवाली गेंहूं की प्रजाति है, जो बढ़ते तापमान एवं पछूआ हवा के प्रति सहनशील होती हैं। इनके दानों मे जिंक का अधिक मात्रा के कारण यह काफी पोषणयुक्त होते हैं।

 

प्रगतिशील किसान सत्येन्द्र चौबे के खेत में प्रदर्शित प्रभेद डीवीडब्ल्य-316 की बुआई रबी सत्र में शून्य जुताई तकनीकी से किया गया था जिसका प्रक्षेत्र भ्रमण किसानों को कराकर जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सौ से अधिक पुरूष एवं महिला किसानों ने सक्रिय रूप में भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ कुणाल आनन्द, संदीप कुमार, अरविन्द कुमार, सरफराज अहमद खान ने सहयोग किया।

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