बक्सर के 35वें स्थापना दिवस पर कामरेड ज्योति प्रकाश को श्रद्धांजलि, भावुक हुईं पूर्व विधायिका कामरेड मंजू प्रकाश
ज्योति प्रकाश चौक पर माल्यार्पण, बक्सर को जिला बनाने के संघर्ष को किया याद; सरकार पर भी बोला तीखा हमला


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिला के 35वें स्थापना दिवस एवं कामरेड ज्योति प्रकाश के शहादत दिवस के अवसर पर शहर के ज्योति प्रकाश चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बक्सर की पूर्व विधायक व माकपा नेता कामरेड मंजू प्रकाश ने माल्यार्पण कर अपने पिता को याद किया और भावुक हो गईं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि हमने बक्सर को जिला बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। बक्सर को जिला बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। जब उनकी मांगें नहीं सुनी गईं, तो वे सड़क पर धरने पर बैठ गए। अंततः तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बक्सर को जिला घोषित करना पड़ा। इसके बाद 17 मार्च 1991 को बक्सर जिला का उद्घाटन हुआ तथा ज्योति प्रकाश की प्रतिमा का अनावरण किया गया। माल्यार्पण के बाद भावुक होते हुए मंजू प्रकाश ने कहा कि उनके पिता ने अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ते हुए अपनी शहादत दी थी। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज तानाशाही चरम पर है और केंद्र की सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार गंभीर नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि कामरेड ज्योति प्रकाश ने सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि समाज के कई लोगों को अपने विचारों से प्रेरित किया, जो आज भी उनके सिद्धांतों पर चल रहे हैं। इस मौके पर डुमरांव के पूर्व विधायक सह माले नेता अजीत कुशवाहा ने कहा कि कामरेड ज्योति प्रकाश गरीबों और मजदूरों के सच्चे नेता थे, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ते-लड़ते शहादत दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हम सभी उनके रास्ते पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम में राजद जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह, बब्बन सिंह कुशवाहा, गुरदयाल सिंह, अजय सिंह मुखिया, धीरेंद्र प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अशोक कुमार सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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