महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर में “वित्तीय शिक्षा एवं निवेश जागरूकता” पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित
SEBI और NSE के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिए सुरक्षित निवेश और वित्तीय साक्षरता के महत्वपूर्ण टिप्स


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शनिवार को महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर में SEBI और NSE के संयुक्त तत्वावधान में “वित्तीय शिक्षा एवं निवेश जागरूकता” विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। वेबिनार का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों के बीच वित्तीय साक्षरता और निवेश संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो० (डॉ) कृष्णा कान्त सिंह ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय शिक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है। सही वित्तीय ज्ञान के माध्यम से ही व्यक्ति सुरक्षित और बेहतर आर्थिक निर्णय ले सकता है। उन्होंने ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे छात्रों में आर्थिक समझ विकसित होती है। वेबिनार के मुख्य वक्ता NSE के उप प्रबंधक श्री ऐश्वर्य जैन थे। उन्होंने अपने व्याख्यान में वित्तीय साक्षरता, बचत और निवेश के महत्व, शेयर बाजार की मूलभूत जानकारी तथा निवेश से जुड़े जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों को जागरूक निवेशक बनने और वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के उपाय भी बताए।
इस अवसर पर SEBI से डॉ. अजीत कुमार मौर्य भी सत्र में शामिल हुए और प्रतिभागियों को वित्तीय जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। वेबिनार की संयोजक डॉ. अर्चना मिश्रा, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र विभाग) थीं, जबकि आयोजन सचिव डॉ. आदित्य सिंह, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र विभाग) रहे। उनके कुशल मार्गदर्शन और प्रयासों से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अलावा एम.वी. कॉलेज के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ तथा गैर-शैक्षणिक कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वेबिनार का संचालन डॉ. आदित्य सिंह ने किया, जबकि अंत में डॉ. अर्चना मिश्रा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया। यह वेबिनार प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ तथा इससे वित्तीय शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।





