महर्षि विश्वामित्र पार्क: शिलान्यास और भूमि पूजन कर निर्माण कराना भूल गई सरकार
सूबे के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने बीते 25 अगस्त 2025 को शिलान्यास और भूमि पूजन बड़े ही ताम-झाम के साथ किया था


न्यूज विजन। बक्सर
बक्सर जिला अंतर्गत सोन नहर के स्केप चैनल के दोनों ओर महर्षि विश्वामित्र पार्क का निर्माण अधर में है। सूबे के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने बीते 25 अगस्त 2025 को शिलान्यास और भूमि पूजन बड़े ही ताम-झाम के साथ किया था। शिलान्यास और भूमि पूजन किए लगभग छह माह हो गये, निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। नाथ बाबा मंदिर के पास सोने नहर की जमीन पर शिलापट्ट आज भी मौजूद है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के तीन माह पहले मंत्री ने शिलान्यास किया था। अब तो स्थानीय लोग इस परियोजना को चुनावी स्टंट और जुमला बोल मजाक उड़ा रहे हैं। बता दें कि इस पार्क को गायत्री मंत्र की थीम पर विकसित करना था और पहले चरण में मंत्री ने 8.11 करोड़ खर्च करने की घोषणा की थी।
प्रस्तावित महर्षि विश्वामित्र पार्क का स्थल बक्सर शहर के मध्य में गंगा तट से सटा हुआ है। यहां नहर के दोनों ओर उपलब्ध चार्ट भूमि को शहरवासियों की सुविधा और सांस्कृतिक ज्ञानवर्धन हेतु विभिन्न जोन में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोन नहर प्रमंडल की मुख्य नहर और उसकी ओवरफ्लो शाखा बक्सर नगर के बीच से होकर गुजरती है और नाथ बाबा मंदिर के पास गंगा नदी में विलय करती है। लगभग एक किलोमीटर लंबाई वाले इस हिस्से पर पार्क निर्माण किया जाना था।
मंत्री डॉ कुमार ने कहा था कि परियोजना के तहत नहर किनारे कचरे की सफाई कर वॉकिंग ट्रैक, पार्क, सिद्धाश्रम म्यूजियम या इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक फाउंटेन के जरिए गायत्री मंत्र की ध्वनि तरंगों का प्रदर्शन और गंगा तट पर महर्षि विश्वामित्र की 38 फीट का आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
सूबे के मंत्री डॉ कुमार ने कहा शिलान्यास के मौके पर कहा था कि तीन केबल आधारित हैंगिंग ब्रिज, ऑर्चिडेरियम, कैफेटेरिया, ग्रामीण हाट, किड्स प्ले जोन, ओपन जिम, ओपन एयर एम्फीथियेटर, योगा पार्क और जेन गार्डन भी विकसित होंगे। पार्किंग, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह परियोजना न केवल बक्सर के लोगों के लिए मनोरंजन और स्वास्थ्य का साधन बनेगी बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित कर पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी।
महर्षि विश्वामित्र पार्क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने को लेकर जब वन विभाग के रेंजर सुरेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पार्क निर्माण के लिए राशि का आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है।





