OTHERS

सीता-राम विवाह की कथा सुन निहाल हुए साधु-संत और श्रद्धालु

श्री सद्गुरुदेव पुण्य स्मृति महोत्सव का बुधवार को भव्य महाभंडारे के साथ संपन्न हो गया

न्यूज विजन। बक्सर
श्री हनुमत धाम मंदिर में पांच दिनों से चल रहे श्री सद्गुरुदेव पुण्य स्मृति महोत्सव का बुधवार को भव्य महाभंडारे के साथ संपन्न हो गया। महोत्सव के अंतिम दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को आनंदित कर दिया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में साधु-संतों और ग्रामीण भक्तों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

 

 

कथा के पांचवें दिन अयोध्या धाम के प्रसिद्ध कथा व्यास पंडित विजय नारायण शरण जी ने पुष्प वाटिका (फुलवारी) प्रसंग, धनुष यज्ञ और सीता-राम विवाह की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जैसे ही प्रभु श्रीराम ने शिव धनुष का खंडन किया, पूरा ब्रह्मांड जयघोष से गूंज उठा। सीता-राम विवाह के प्रसंग के दौरान पंडाल में श्री मामा जी महाराज द्वारा रचित मिथिला के मंगल गीतों की गूंज उठा। ऐसा माहौल बना कि मानो साक्षात जनकपुर धाम कमरपुर की धरती पर उतर आया हो।

 

महोत्सव के समापन अवसर पर बक्सर और दूर-दराज से आए हजारों साधु-संतों ने भाग लिया। सभी ने पूज्य मामा जी महाराज और श्री महात्मा जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कथा व्यास ने गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह 18वां वर्ष गुरुदेव के संकल्पों को आगे बढ़ाने का प्रतीक है। साधु-संतों का समागम और गुरु वंदना से वातावरण भक्तिमय हो गया।

 

कथा की समाप्ति के उपरांत विशाल भंडारा आयोजित किया गया। इस भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। श्री नेहनिधि नारायण सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने संतों और आगंतुकों की सेवा में अटूट समर्पण दिखाया। इस महोत्सव को सफल बनाने में ग्रामीण एवं महाराज श्री के परिकर तन, मन और धन के साथ लगे रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button