नन्हे शिव भक्तों ने किया महादेव का जलाभिषेक, सावन महोत्सव में माताओं ने बिखेरी प्रतिभा
सावन के उल्लास में सरस्वती विद्या मंदिर में भक्ति, संस्कृति और सृजनशीलता का संगम; कांवड़ यात्रा में बच्चों के साथ अभिभावकों ने भी लिया भाग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर नगर के सिविल लाइंस स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में सावन महोत्सव के अवसर पर शनिवार को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक उत्साह और रचनात्मक गतिविधियों का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने सावन के पावन महीने को उल्लासपूर्ण उत्सव के रूप में मनाते हुए समाज में धर्म, संस्कार और आस्था का संदेश दिया।
कार्यक्रम के तहत कक्षा नर्सरी से द्वितीय तक के करीब 72 नन्हे शिव भक्त कांवड़ियों के रूप में सजकर विद्यालय परिसर से निकले। बच्चों ने छोटी कांवड़ यात्रा के रूप में सिविल लाइंस स्थित विद्यालय से निकट सब्जी मंदिर के शिवालय तक पदयात्रा की। वहां पहुंचकर नन्हे शिव भक्तों ने बेलपत्र, पुष्प और गंगाजल अर्पित कर देवों के देव महादेव का विधिवत जलाभिषेक किया। इस दौरान बच्चों में विशेष उत्साह और भक्ति का भाव देखने को मिला। कांवड़ यात्रा को और आकर्षक बनाने के लिए दो नन्हे बालक-बालिका ने भगवान शिव और माता पार्वती का रूप धारण किया। शिव-पार्वती के स्वरूप में सजे बच्चों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों की इस छोटी पदयात्रा में कई अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
माताओं के लिए गायन और नृत्य प्रतियोगिता
सावन महोत्सव के अवसर पर विद्यालय में वाटिका के अरुण से प्रथम तक के छात्र-छात्राओं की माताओं के लिए गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में अभिभाविकाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। नृत्य प्रतियोगिता में अभिभाविका मेनका जी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कोमल जी द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं गायन प्रतियोगिता में शिखा जी ने प्रथम स्थान हासिल किया और सुमन जी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में आचार्या इंदु सिंह एवं सुमन दीदी जी ने अपनी भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में आराधना दीदी जी, ज्योति दीदी जी सहित विद्यालय के कई आचार्यगण एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
राखी और मेहंदी प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह
विद्यालय में छात्र-छात्राओं के कौशल एवं सृजनशीलता के विकास के उद्देश्य से राखी निर्माण तथा मेहंदी रचना प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा अगले दिन की जाएगी।
अभिभावकों के सहयोग की हुई सराहना
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा। बच्चों की धार्मिक आस्था, अनुशासन, उत्साह और प्रतियोगिताओं में उनकी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सभी कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, संस्कृति, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिभावकों के सहयोग की सराहना की तथा बच्चों के उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को अत्यंत प्रेरणादायक एवं उत्साहवर्धक बताया। सावन महोत्सव के माध्यम से विद्यालय ने बच्चों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का सार्थक प्रयास किया।





