पेड़ पर उल्टा लटकाकर युवक की बेरहमी से पिटाई! चोरी के शक में ग्रामीणों ने दी ‘खौफनाक सजा’, VIDEO वायरल
मुफस्सिल थाना क्षेत्र में आधी रात का बवाल, ग्रामीणों का दावा- चोरी करने घुसा था युवक; परिजनों ने बताया पुरानी रंजिश, पुलिस जांच में नया मोड़


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर न केवल बंधक बनाया, बल्कि उसे पेड़ से उल्टा लटकाकर बेरहमी से पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रात करीब 3 बजे एक संदिग्ध युवक गांव में घुसा था। किसी आहट से ग्रामीणों की नींद खुल गई, जिसके बाद लोगों ने मिलकर युवक को पकड़ लिया। आरोप है कि युवक चोरी की नीयत से गांव में आया था। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक को रस्सी से बांधकर पेड़ से उल्टा लटका दिया और लाठी-डंडों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि युवक को पेड़ से उल्टा लटकाकर पीटा जा रहा है और मौके पर भारी भीड़ मौजूद है।
पीड़ित युवक की पहचान बेटानी यादव के रूप में हुई है, जो उसी गांव का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज कराया गया। वहीं, इस मामले में नया मोड़ तब आया जब युवक के परिजनों ने ग्रामीणों के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। परिजनों का कहना है कि यह चोरी का मामला नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश का परिणाम है। उनका आरोप है कि साजिश के तहत उनके बेटे को झूठे आरोप में फंसाकर बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाला और थाने लाया। हालांकि, मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब पीड़ित युवक ने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। शिकायत नहीं मिलने के कारण पुलिस ने प्राथमिक उपचार और पूछताछ के बाद युवक को उसके घर भेज दिया।
फिलहाल, यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है—क्या सच में युवक चोरी की नीयत से गांव में घुसा था या फिर यह पुरानी दुश्मनी का नतीजा है? वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह तो पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कानून अपने हाथ में लेना कितना खतरनाक और अमानवीय हो सकता है।





