सिमरी के सहियार में RSS का शस्त्र पूजन, राष्ट्रसेवा और सामाजिक समरसता का दिया संदेश
विजयादशमी पर मां दुर्गा स्थान परिसर में हुआ आयोजन, 101 वर्षों की संघ यात्रा और शक्ति के सदुपयोग पर मुख्य वक्ता विमल कुमार सिंह ने रखा विचार

न्यूज विज़न। बक्सर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, खंड सिमरी के तत्वावधान में विजयादशमी के पावन अवसर पर सहियार ग्राम स्थित मां दुर्गा स्थान के प्रांगण में संघ के स्थापना के 101वें वर्ष के उपलक्ष्य में शस्त्र पूजन कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के साथ-साथ ग्राम के गणमान्य नागरिकों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भगवती के समक्ष विधि-विधान से शस्त्र पूजन एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। इस अवसर पर भोजपुर विभाग के विभाग कार्यवाह श्री विमल कुमार सिंह एवं खंड कार्यवाह श्री बृजराज पाठक ने शस्त्र पूजन किया। आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों में उत्साह और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्री विमल कुमार सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 101 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा विजयादशमी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 101 वर्षों की यात्रा राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, अनुशासन, संगठन और चरित्र निर्माण की प्रेरणादायी यात्रा रही है।
उन्होंने कहा कि संघ ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज को संगठित करने तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करने का निरंतर प्रयास किया है। संघ का शताब्दी वर्ष केवल अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी समय है।
विजयादशमी साहस और कर्तव्यनिष्ठा का पर्व
श्री विमल कुमार सिंह ने विजयादशमी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। विजयादशमी प्रत्येक व्यक्ति को साहस, आत्मविश्वास, संयम और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने शस्त्र पूजन की परंपरा के उद्देश्य पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि शस्त्र पूजन केवल शक्ति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शक्ति के सदुपयोग, आत्मरक्षा तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराने का अवसर भी है।
उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज में सेवा, संस्कार, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि संगठित और संस्कारित समाज ही राष्ट्र को मजबूती प्रदान कर सकता है।
बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में श्रीमन नारायण राय, विभाग धर्म जागरण संयोजक, श्री अविनाश कुमार वर्मा, जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख, श्री अभिनव मिश्रा, श्री त्रियोगी उपाध्याय, श्री ललन सिंह, श्री बबन जी, आर्यन, निलेश, श्री हरिशंकर पाठक, श्री ओम राज, श्री अविनाश मिश्रा, अभिमन्यु, श्री रतन दुबे, श्री बुद्धिराम, आदित्य, प्रवीर देव सहित अनेक स्वयंसेवक एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विजयादशमी पर्व की महत्ता, राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, अनुशासन और संगठन की भावना को लेकर उपस्थित लोगों के बीच सकारात्मक संदेश दिया गया। सहियार ग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूकता का भी संदेश देखने को मिला।




