आशा और आशा फैसिलिटेटरों का जोरदार प्रदर्शन, समय पर मानदेय और ₹26 हजार न्यूनतम वेतन की उठाई मांग
बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के आह्वान पर डीएम कार्यालय पहुंचा प्रदर्शन, केंद्र और राज्य सरकार को भेजा गया मांगपत्र, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, बढ़ी प्रोत्साहन राशि और सरकारी सेवक का दर्जा देने की मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के आह्वान पर रविवार 13 जुलाई को बक्सर जिले की आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। नगर भवन के समीप से निकला प्रदर्शन जुलूस गगनभेदी नारों के साथ जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के माध्यम से सरकार को मांगपत्र सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला संयोजक अरुण कुमार ओझा, डैजी देवी, सरस्वती कुमारी, मंजू देवी और शीला देवी ने संयुक्त रूप से किया। बड़ी संख्या में शामिल आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समय पर मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए संघ के राज्य उपाध्यक्ष अरुण कुमार ओझा ने कहा कि बिहार सरकार आशा कार्यकर्ताओं से स्वास्थ्य विभाग के लगभग सभी महत्वपूर्ण कार्य कराती है, लेकिन उन्हें समय पर मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जाता। इससे आशा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि मोबाइल रिचार्ज मद और पोशाक (साड़ी) मद में मिलने वाली राशि भी बेहद कम है, जिसे वर्तमान महंगाई के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग मांगपत्र तैयार किए गए हैं। पहला मांगपत्र भारत सरकार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री को तथा दूसरा राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के कार्यपालक निदेशक को प्रेषित किया गया है। संघ की प्रमुख मांगों में संसद में घोषित बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का एरियर सहित भुगतान करने के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों को न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन का अधिकार, स्वास्थ्य सेवाओं पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का छह प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करना, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करना, मोबाइल रिचार्ज और पोशाक भत्ता में वृद्धि, बंद आईडी को तत्काल चालू करना तथा सभी आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी सेवक घोषित करना शामिल है।
इसके अलावा संघ ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए ₹26,000 न्यूनतम वैधानिक मजदूरी, ₹10 लाख का रिटायरमेंट बेनिफिट तथा ₹10,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित करने की भी मांग की। प्रदर्शन में प्रमिला कुमारी, शैल कुमारी, कंचन कुमारी, विमला कुमारी सहित जिले भर से पहुंचीं सैकड़ों आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों ने भाग लिया। वहीं समर्थन में पेंशनर एसोसिएशन के परमहंस सिंह, हरे राम सिंह और कन्हैया सिंह भी उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।





