गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट, मकान की दीवार ढही; पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल
राजपुर के खेमपुर गांव में खाना बनाने के दौरान गैस रिसाव से लगी आग, सिलेंडर फटने से मची अफरा-तफरी; प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को बक्सर सदर अस्पताल किया गया रेफर

न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत धनसोई थाना क्षेत्र के रसेन पंचायत स्थित खेमपुर गांव में शुक्रवार की सुबह रसोई गैस सिलेंडर में हुए जोरदार विस्फोट से बड़ा हादसा हो गया। गैस सिलेंडर फटने से एक पक्के मकान की दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से पिता और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
घायलों की पहचान खेमपुर गांव निवासी 55 वर्षीय रमाकांत राम और उनके 22 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह घर में रसोई गैस सिलेंडर पर खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक गैस का रिसाव होने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर में आग लगते ही परिजनों के बीच घबराहट फैल गई। आग पर काबू पाने के लिए परिजनों ने बालू, मिट्टी समेत अन्य उपलब्ध साधनों का सहारा लिया और उसे बुझाने का प्रयास किया।
हालांकि, आग की भयावहता को देखते हुए घर में मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने लगे। इसी बीच अचानक गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मकान की पक्की दीवार ढहकर नीचे गिर गई। इस दौरान रमाकांत राम और उनके पुत्र धर्मेंद्र कुमार दीवार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
विस्फोट की तेज आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को आनन-फानन में राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें बक्सर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद बसपा नेता राजू चौधरी, ग्रामीण बबन राम, निखिल चौबे, अनिल कुमार और ओमप्रकाश राम सहित कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे पर चिंता जताते हुए लोगों से रसोई गैस का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि हादसे से प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।




