10 रुपये में भरपेट भोजन की पहल बनी उम्मीद की किरण, माई की रसोई में 600 से अधिक लोगों ने किया भोजन
जन्मदिन पर वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार ने किया आर्थिक सहयोग, भोजन परोसने के साथ श्रमदान भी किया; सेवा को निरंतर जारी रखने का संकल्प

न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर के वीर कुंवर सिंह चौक के समीप रैन बसेरा में संचालित माई की रसोई जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनती जा रही है। रविवार को रसोई में भोजन सेवा के दौरान 600 से अधिक लोगों ने महज 10 रुपये में भरपेट भोजन किया। बड़ी संख्या में लोग भोजन के लिए पहुंचे, जिन्हें व्यवस्थित तरीके से भोजन कराया गया। सेवा के दौरान रसोई परिसर में लोगों के बीच उत्साह और सहयोग की भावना भी देखने को मिली।
माई की रसोई का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सम्मान के साथ भोजन कराने का है। रविवार को आयोजित सेवा कार्यक्रम में बक्सर के वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार अपने जन्मदिन के अवसर पर रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने माई की रसोई के संचालन में आर्थिक सहयोग किया। इसके साथ ही उन्होंने भोजन वितरण सहित रसोई से जुड़े विभिन्न कार्यों में शारीरिक श्रमदान भी किया। कार्यक्रम के दौरान सेवा से जुड़े लोगों ने बताया कि माई की रसोई केवल भोजन उपलब्ध कराने की पहल नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होने का एक प्रयास है। इस सेवा कार्य में प्रतिदिन कई लोग अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग के साथ शारीरिक श्रमदान भी कर रहे हैं।
मौके पर मौजूद बक्सर नगर परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि नियमतुल्ला फरीदी ने बताया कि चुनाव से पहले बक्सर की जनता से माई की रसोई शुरू करने का वादा किया गया था। इस पहल को जमीन पर उतारने के लिए एक जिम्मेवार व्यक्ति और टीम की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में अब ओम जी यादव एवं सुमित मानसिंहका की टीम के सहयोग से माई की रसोई की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद बक्सर की मुख्य पार्षद कमरून निशा संयोजक के रूप में इस पहल को आगे बढ़ा रही हैं। रसोई में जरूरतमंद लोगों को महज 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस सेवा को निरंतर जारी रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े।
माई की रसोई के सेवा कार्य में प्रतिदिन रवि कुमार, प्रियेश रंजन, किस्मत यादव, इमरान फरीदी, सद्दाब आलम, आशीष चौरसिया, आदिल, पप्पू चौबे, इंद्र प्रताप सिंह, गुड्डू आजाद और विनोद कुमार सिंह सहित अन्य लोग श्रमदान कर रहे हैं। वहीं स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करने में गोल्डन कुमार, धर्मेंद्र गुप्ता और अशोक यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। रविवार को सेवा कार्यक्रम के समापन पर माई की रसोई से जुड़े सदस्यों ने वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार के जन्मदिन पर केक काटकर उन्हें बधाई दी तथा उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस दौरान जन्मदिन का अवसर सेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़ने के कारण विशेष बन गया।
दोपहर 12 से 1 बजे तक मिलेगा भोजन
आयोजन समिति ने लोगों से अपील की है कि माई की रसोई में भोजन के निर्धारित समय का विशेष ध्यान रखें। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक ही भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसी अवधि में भोजन के लिए लोगों को टोकन भी दिया जाएगा। समिति ने जरूरतमंद लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के बीच रैन बसेरा पहुंचकर टोकन प्राप्त करें और इस सेवा का लाभ उठाएं। माई की रसोई की इस पहल से शहर में सामाजिक सहयोग और सेवा की भावना को बढ़ावा मिल रहा है। जिस तरह से लोग आर्थिक सहयोग और श्रमदान के लिए आगे आ रहे हैं, उससे उम्मीद है कि यह सेवा आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगी।




