चौसा में नल-जल योजना की बदहाल व्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों का फूटा आक्रोश, SDO को सौंपा ज्ञापन
वार्ड 1 से 14 तक नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने का आरोप, खराब मोटर-टंकी व विद्युत उपकरणों की तत्काल मरम्मत की मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
नगर पंचायत चौसा में नल-जल योजना के तहत अनियमित एवं बाधित जलापूर्ति को लेकर जनप्रतिनिधियों ने गंभीर चिंता जताई है। पेयजल की समस्या को लेकर नगर पंचायत चौसा की उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि विकास राज के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी, बक्सर को ज्ञापन सौंपकर नल-जल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की।
जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि नगर पंचायत चौसा के वार्ड संख्या 01 से 14 तक संचालित नल-जल योजना का समुचित लाभ आम नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है। कई वार्डों एवं मोहल्लों में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधियों ने आशंका जताई कि गर्मी के दिनों में यदि व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया तो पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है।
वार्ड 13 की पुरानी जल टंकी और खराब मोटर का उठाया मुद्दा
ज्ञापन में विशेष रूप से वार्ड संख्या 13 के अखौरीपुर गोला एवं दुर्गा मंदिर, चौसा के समीप स्थित पुरानी जल टंकी की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया गया। जनप्रतिनिधियों के अनुसार टंकी से जुड़ी मोटर एवं विद्युत उपकरणों के खराब रहने और उचित रख-रखाव नहीं होने के कारण जलापूर्ति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि मोटर खराब होने या विद्युत उपकरणों में तकनीकी खराबी आने के बाद समय पर मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में नल-जल योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है और लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
सभी वार्डों का स्थल निरीक्षण कराने की मांग
जनप्रतिनिधियों ने अनुमंडल पदाधिकारी से नगर पंचायत चौसा के सभी वार्डों में स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार कराने की मांग की। साथ ही प्रत्येक वार्ड में नियमित एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब मोटर, विद्युत उपकरण, जल टंकी और जलापूर्ति से जुड़े अन्य संसाधनों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग रखी गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि नल-जल योजना के संचालन एवं रख-रखाव में आ रही समस्याओं के लिए संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार विभाग की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी और स्थायी मेंटेनेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।
‘पेयजल मूलभूत आवश्यकता, लापरवाही गंभीर विषय’
उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि विकास राज ने कहा कि पेयजल आम नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है। नल-जल योजना पर सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद यदि लोगों को नियमित एवं पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है तो यह गंभीर विषय है। प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्थानों का निरीक्षण कराना चाहिए और तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल योजना संचालित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत भी जरूरी है, ताकि नागरिकों को वास्तव में योजना का लाभ मिल सके। ज्ञापन सौंपने वालों में उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि विकास राज, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि काजू मिश्रा, वार्ड पार्षद हृदयनारायण सिंह, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि विकास कुमार एवं वार्ड पार्षद दिनेश कुमार शामिल रहे।





