इटाढ़ी गुमटी जल्द खोलने की मांग को लेकर पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन, सैकड़ों एक्स-सर्विसमैन ने सरकार और रेलवे से लगाई गुहार
आईईएसएम बक्सर के बैनर तले पूर्व सैनिकों ने कहा— बंद गुमटी से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम जनता को हो रही भारी परेशानी, आरओबी निर्माण में लापरवाही की जांच की भी उठी मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बिहार राज्य इंडियन एक्स सर्विसमेन मूवमेंट (आईईएसएम) बक्सर के बैनर तले बुधवार, 8 जुलाई को इटाढ़ी गुमटी बंद रहने के विरोध में पूर्व सैनिकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। आईईएसएम बक्सर के चेयरमैन सह आईईएसएम हेल्थ केयर शाहाबाद के अध्यक्ष डॉ. मेजर पी.के. पाण्डेय एवं जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने सरकार और रेलवे विभाग से इटाढ़ी गुमटी को अविलंब खोलने की मांग की।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि इटाढ़ी गुमटी बंद रहने के कारण आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी में बच्चों को लंबा रास्ता तय कर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है, जिससे कई बच्चे बीमार भी हो रहे हैं। डॉ. मेजर पी.के. पाण्डेय ने कहा कि गुमटी बंद होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते गुमटी नहीं खोली गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। उन्होंने बिहार सरकार एवं रेलवे प्रशासन से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल समाधान निकालने की अपील की। जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने कहा कि इटाढ़ी गुमटी बंद होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को देखते हुए सरकार और रेलवे विभाग को शीघ्र निर्णय लेकर गुमटी खोलनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
वहीं जिला उपाध्यक्ष सूबेदार विद्यासागर चौबे ने कहा कि जब रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण हुआ था तो बक्सर की जनता और विद्यार्थियों में काफी खुशी थी, क्योंकि वर्षों पुरानी जाम और आवागमन की समस्या समाप्त हो गई थी। लेकिन आरओबी में दरारें आने के बाद उसे बंद करना पड़ा, जिससे लोगों की परेशानी पहले से भी अधिक बढ़ गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आरओबी निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। निर्माण कार्य में हुई कथित लापरवाही की सजा आम जनता और स्कूली बच्चों को क्यों भुगतनी पड़े? उन्होंने कहा कि बच्चे समय पर घर नहीं पहुंच पा रहे हैं और कई विद्यार्थियों की कोचिंग भी छूट जा रही है।
पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं रेलवे विभाग से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इटाढ़ी गुमटी को जल्द से जल्द खोला जाए, ताकि लोगों की परेशानियां समाप्त हो सकें और किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। इस अवसर पर कैप्टन बी.एन. पाण्डेय, लेफ्टिनेंट आर.बी. ओझा, सूबेदार मेजर आर.बी. सिंह, पेटी ऑफिसर सुरेंद्र सिंह, सूबेदार सुदामा प्रसाद, कैप्टन आर.सी. पाल, द्वारिका पांडेय, भरत मिश्रा, धनंजय दुबे, नंद जी ओझा, अलख नारायण श्रीवास्तव, विनीत राय, मुकेश कुमार, शेषनाथ मिश्रा, परशुराम राय, श्रीराम सिंह, त्रिवेणी सिंह, राम इकबाल सिंह, विनोद कुमार मिश्रा, अंबिका राय, अवधेश सिंह, उमाशंकर शर्मा, मदन सिंह सहित सैकड़ों पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।





