22 साल बाद साधु बनकर लौटा बेटा, धनसोई में भावुक कर देने वाली वापसी ने सबको किया हैरान
भिक्षा मांगते हुए पहुंचा अपने पुराने घर, गांव वालों को नाम लेकर पुकारा तो खुला वर्षों पुराना रहस्य


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के धनसोई बाजार में मंगलवार का दिन लोगों के लिए किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। करीब 22 वर्ष पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुआ युवक अचानक साधु के वेश में अपने गांव लौट आया। भिक्षा मांगते हुए जब वह अपने पुराने घर के दरवाजे तक पहुंचा और गांव के लोगों को नाम लेकर पुकारने लगा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार धनसोई निवासी रतिपाल शर्मा के पुत्र लखन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा करीब दो दशक पहले अचानक घर से गायब हो गए थे। उस समय परिवार और ग्रामीणों ने उनकी काफी तलाश की थी। रिश्तेदारों से लेकर दूर-दराज के इलाकों तक खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। समय बीतने के साथ परिवार ने यह मान लिया था कि शायद अब वह इस दुनिया में नहीं रहे। मंगलवार को अचानक गांव में एक साधु के पहुंचने से लोगों की भीड़ जुटने लगी। लंबे बाल, बदला हुआ हुलिया और साधु का वेश देखकर कोई भी उन्हें पहचान नहीं पा रहा था। लेकिन जब उन्होंने गांव के कई बुजुर्गों और पुराने परिचितों को नाम लेकर बुलाना शुरू किया और बचपन की घटनाओं का जिक्र किया, तो लोगों के होश उड़ गए। धीरे-धीरे यह साफ हो गया कि साधु के वेश में आया व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि वर्षों पहले लापता हुए लखन शर्मा ही हैं।
उनकी वापसी की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। देखते ही देखते गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई उस शख्स को करीब से देखने और उसकी कहानी जानने को उत्सुक नजर आया। गांव के बुजुर्ग इस घटना को चमत्कार बता रहे हैं, जबकि युवाओं के बीच भी यह चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। सबसे भावुक पल तब आया जब लखन शर्मा की मुलाकात अपने परिवार के लोगों से हुई। वर्षों बाद बेटे को सामने देखकर परिजनों की आंखें भर आईं। घर का माहौल गम और खुशी के मिले-जुले एहसास से भर गया। परिवार के सदस्य उन्हें बार-बार निहारते रहे, मानो उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा हो कि उनका खोया बेटा सचमुच लौट आया है।
हालांकि लखन शर्मा इन 22 वर्षों के दौरान कहां रहे, कैसे जीवन बिताया और अचानक साधु का वेश धारण कर गांव क्यों लौटे, इसे लेकर अब भी रहस्य बना हुआ है। ग्रामीणों के बीच उनकी वापसी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल धनसोई और आसपास के क्षेत्रों में यह अनोखी वापसी कौतूहल, भावनाओं और रहस्य का बड़ा विषय बनी हुई है।





