बक्सर में साइबर ठगी की बड़ी साजिश: प्रधान जिला न्यायाधीश की फोटो लगाकर मांगे गए 50 हजार रुपए
थाईलैंड के नंबरों से अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मियों को भेजे गए फर्जी व्हॉट्सएप मैसेज, साइबर थाना में मामला दर्ज

न्यूज विज़न। बक्सर
बिहार के बक्सर जिले में साइबर अपराधियों द्वारा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अपराधियों ने बक्सर की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री काजल झांब की तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए स्थानीय अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों से व्हॉट्सएप के माध्यम से रुपए मांगने का प्रयास किया। मामले के सामने आते ही न्याय प्रशासन हरकत में आया और साइबर थाना बक्सर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
प्रभारी प्रशासन न्यायालय बक्सर राजीव कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ अधिवक्ताओं को प्रधान जिला न्यायाधीश की तस्वीर लगी फर्जी व्हॉट्सएप प्रोफाइल से संदेश भेजे गए थे। इन संदेशों में तत्काल 50 हजार रुपए भेजने का अनुरोध किया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह मैसेज थाईलैंड के कंट्री कोड +66 से जुड़े विभिन्न मोबाइल नंबरों से भेजे गए हैं। साइबर अपराधियों ने इंटरनेट से प्रधान जिला न्यायाधीश की तस्वीर डाउनलोड कर उसका दुरुपयोग किया और भरोसा जीतने के उद्देश्य से स्थानीय अधिवक्ताओं को निशाना बनाया। हालांकि, अधिवक्ताओं की सतर्कता के कारण ठगी की कोशिश सफल नहीं हो सकी।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला अधिवक्ता संघ बक्सर के महासचिव बिंदेश्वरी पांडेय को भी ऐसा ही एक संदिग्ध व्हॉट्सएप संदेश प्राप्त हुआ। उन्होंने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश से मुलाकात की और पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही प्रधान जिला न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना बक्सर को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद साइबर थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार साइबर अपराधियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है, लेकिन तकनीकी जांच तेज कर दी गई है। इस घटना के बाद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध व्हॉट्सएप संदेश पर भरोसा न करें और पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें।





