तिलकुट की सोंधी खुशबू से महकने लगे शहर के बाजार
मकर संक्रांति पर्व पर तिलकुट और तिल से बने खाद्य पदार्थ को दान करने व खाने की है महता


न्यूज विजन। बक्सर
वैसे तो तिलकुट आराजी का प्रसिद्ध मिष्ठान है। अब बक्सर में भी गयाजी की प्रसिद्ध तिलकुट का स्वाद बक्सर में लोगों को लुभा रहा है। यहां के दुकानदार तिलकुट बनाने के लिए गयाजी से कारीगर बुलाएं हैं। बक्सर का बाजार तिलकुट के सोंधी खुशबू से महक रहा है।
मकर संक्रांति पर तिल से बने खाद्य पदार्थों का दान करने व ग्रहण करने की धार्मिक महत्ता है। इस त्योहार पर तिलकुट और तीर से बने खाद्य पदार्थ की खूब बिक्री होती है। मकर संक्रांति पर्व के महज सात दिन शेष बचे हैं।
मकर संक्रांति पर्व को लेकर शहर के बाजार में तिलकुट की दुकानें सज गई हैं। दुकानदार बिक्री का अनुमान लगाकर भारी पैमाने पर कारीगरों से तिलकुट बनवाकर स्टाक कर रहे हैं। रामरेखा घाट रोड, स्टेशन रोड, गोला बाजार रोड, गोलंबर, मेन रोड, मठिया मोड़ समेत अन्य बाजारों में तिलकुट की दुकानें सज गई हैं। रामरेखा घाट रोड स्थित शंकर मिष्ठान भंडार के प्रोपराइटर श्यामजी गुप्ता ने बताया कि तिलकुट बनवाने के लिए गया जिला से एक माह पहले से ही कारीगर बुला लिए हैं। मकर संक्रांति पर्व के दिन अच्छी बिक्री होती है। काउंटर सेल के अलावा इस पास के गांव के व्यापारी तिलकुट की खरीदारी के लिए आते हैं।
दुकानदार श्यामजी गुप्ता ने बताया कि अलग-अलग रेट में तीन प्रकार का तिलकुट तैयार करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुड़ से बने तिलकुट का भाव 280 रुपए किलो, चीनी का तिलकुट 260 रुपए किलो और गोला भरा गुड़ और चीनी का तिलकुट का भाव क्रमशः 360 और 340 रुपए किलो के भाव से बिक्री किया जा रहा है। मकर संक्रांति पर तिलकुट का विशेष महत्व होता है। इस दिन तिल का सेवन करने की परंपरा है, क्योंकि तिल में गर्मी होती है, जो सर्दियों में शरीर को गर्म रखती है। डॉ संजय सिन्हा ने बताया कि तिलकुट में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ई, और जिंक जैसे तत्व इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि तिलकुट तिल से बने खाद्य पदार्थ के सेवन से पाचन तंत्र





