बलिया बलिदान दिवस पर शहीदों का अपमान, कांग्रेस नेताओं ने किया विरोध




न्यूज़ विज़न। बक्सर
मंगलवार, 19 अगस्त को बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं जिला प्रशासन के रवैये से स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के सम्मान पर सवाल खड़े हो गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुँचाई है।









सुबह निर्धारित समय अनुसार 8:50 बजे जिला कारागार का फाटक खोला गया और 9:00 बजे तक बंद कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस परिवार के सेनानियों और कार्यकर्ताओं को जेल से बाहर निकलने की अनुमति दी गई। बाहर निकलते ही सभी सेनानियों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारों के साथ शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम स्थल पर “वंदे मातरम”, “भारत माता की जय”, “सभी सेनानी सपूत अमर रहें” जैसे गगनभेदी नारे गूंजते रहे। इस अवसर पर बक्सर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता एवं इंडिया गठबंधन के संभावित प्रत्याशी डॉ. सत्येंद्र कुमार ओझा अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बलिया बलिदान दिवस हमारे देश के शौर्य और स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम अध्याय का प्रतीक है, लेकिन उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी ने इसे अपमानित किया है।





कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं “वोट चोर गद्दी छोड़ मताधिकार यात्रा रैली” के प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम समाप्त हो जाने के बाद, समय सीमा पार होने पर ही उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और जिला प्रशासन ने जिला कारागार का फाटक खुलवाया और बंद कराया। इसे सेनानियों और शहीदों का घोर अपमान बताया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने आपको भारत प्रेमी बताती है, लेकिन असलियत में वह आरएसएस की विचारधारा के अनुसार देश चलाना चाहती है। शहीदों और सेनानियों का इस प्रकार अपमान करना उनकी वास्तविक मानसिकता को उजागर करता है। नेताओं का कहना है कि इससे बड़ा अपमान सेनानियों का और कुछ हो ही नहीं सकता। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे शहीदों की विरासत और बलिदान दिवस की गरिमा को बचाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

