बक्सर में 20 अक्टूबर को होगा भव्य रावण वध, 45 फीट के रावण और 40 फीट के मेघनाद के पुतले का होगा दहन
ऐतिहासिक किला मैदान में दोपहर 2 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम, कलात्मक आतिशबाजी, कोल्ड फायर और स्मोक फायर के अद्भुत नजारे होंगे आकर्षण का केंद्र; 22 अक्टूबर को यमुना चौक पर होगा भव्य भरत मिलाप

न्यूज़ विज़न। बक्सर
श्री रामलीला समिति, बक्सर के तत्वावधान में ऐतिहासिक किला मैदान स्थित विशाल रामलीला मंच पर आयोजित 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव अपने चरम की ओर बढ़ रहा है। महोत्सव के अंतर्गत आगामी 20 अक्टूबर को भव्य रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 2:00 बजे से शुरू होने वाले इस आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष 45 फीट ऊंचे रावण और 40 फीट ऊंचे मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया जाएगा। इस दौरान कलात्मक आतिशबाजी, कोल्ड फायर और स्मोक फायर के अद्भुत नजारे दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
समिति के सचिव बैकुण्ठनाथ शर्मा एवं संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर कार्यक्रम की तैयारियों और महोत्सव के आगामी आयोजनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक किला मैदान में होने वाले रावण वध कार्यक्रम को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए समिति की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। विशालकाय पुतलों के निर्माण से लेकर आतिशबाजी की व्यवस्था तक, आयोजन को यादगार बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
45 फीट का रावण और 40 फीट का मेघनाद होगा आकर्षण
इस वर्ष रावण वध कार्यक्रम में 45 फीट ऊंचे रावण तथा 40 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतले का दहन किया जाएगा। पुतलों का निर्माण मिश्रवलिया निवासी जितेन्द्र शर्मा द्वारा किया जा रहा है। वहीं, कार्यक्रम के दौरान आकर्षक एवं कलात्मक आतिशबाजी की जिम्मेदारी सिमरी के प्रसिद्ध आतिशबाज कैमुद्दीन जी निभाएंगे। रावण और मेघनाद के पुतलों के दहन के दौरान कोल्ड फायर, स्मोक फायर तथा रंग-बिरंगी आतिशबाजी के जरिए आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे। समिति को उम्मीद है कि इस बार भी रावण वध का आयोजन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा और लोग इस ऐतिहासिक परंपरा के साक्षी बनेंगे।
बक्सर के ऐतिहासिक रावण वध में उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भीड़
बक्सर का ऐतिहासिक रावण वध कार्यक्रम वर्षों से विजयादशमी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहा है। इस आयोजन को देखने के लिए बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और सीमावर्ती इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक पहुंचते हैं। हर वर्ष उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए इस बार भी व्यापक जनभागीदारी की संभावना जताई जा रही है। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए श्री रामलीला समिति ने श्रद्धालुओं और नगरवासियों से समय से पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की अपील की है, ताकि लोग सुविधाजनक तरीके से कार्यक्रम में शामिल होकर रावण वध का आनंद ले सकें।
रावण वध के बाद भी जारी रहेंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता ने बताया कि 20 अक्टूबर को रावण वध के आयोजन के बाद भी विजयादशमी महोत्सव के अंतर्गत धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। अगले कई दिनों तक रामलीला, कृष्णलीला, भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक जैसे महत्वपूर्ण आयोजन होंगे। 21 अक्टूबर: दिन में कृष्णलीला और रात्रि में रामलीला का मंचन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को देखने का अवसर मिलेगा।
22 अक्टूबर: दिन में कृष्णलीला का आयोजन होगा। वहीं, रात्रि 10 बजे से नगर के यमुना चौक पर भव्य भरत मिलाप आयोजित किया जाएगा। यह महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
यमुना चौक पर निकलेगी आकर्षक लाग और झांकियां
भरत मिलाप के अवसर पर नगर में विशेष उत्साह और धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिलेगा। इस दौरान विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं तथा दुर्गा पूजा पंडालों से जुड़ी समितियों की ओर से आकर्षक लाग एवं झांकियां निकाली जाएंगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक स्वरूप की झलक देखने को मिलेगी। भरत मिलाप का आयोजन बक्सर की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों के शामिल होने की उम्मीद है।
23 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ होगा समापन
20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव का समापन 23 अक्टूबर को नगर के श्रीचन्द्र मंदिर में रात्रि के समय भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ होगा। राज्याभिषेक के धार्मिक आयोजन के साथ महोत्सव का विधिवत समापन किया जाएगा। श्री रामलीला समिति ने श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों और नगरवासियों से अपील की है कि वे रावण वध सहित महोत्सव के सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों और बक्सर की ऐतिहासिक रामलीला परंपरा को सफल बनाने में अपना योगदान दें।




