इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग पर आंदोलन तेज, तीसरे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना; 18 जुलाई को रेल चक्का जाम की चेतावनी
दलित अतिपिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा ने कहा— गुमटी बंद रहने से छात्र, किसान, व्यापारी और आम लोग परेशान, प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो होगा उग्र आंदोलन


न्यूज विज़न। बक्सर
इटाढ़ी रेलवे गुमटी को पुनः खोलने की मांग को लेकर जिला दलित अतिपिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा द्वारा चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना की अध्यक्षता मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने की, जबकि संचालन गुड्डू शर्मा ने किया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में मोर्चा के कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे और रेलवे गुमटी को शीघ्र खोलने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
धरना को संबोधित करते हुए जिला संयोजक सरोज राजभर ने कहा कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी बंद होने के कारण हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं, किसानों, व्यापारियों और आम राहगीरों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल आवागमन का नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा और अधिकार का सवाल है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर मोर्चा लगातार आंदोलन कर रहा है और जब तक रेलवे गुमटी को दोबारा नहीं खोला जाएगा, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। साथ ही प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 18 जुलाई (शनिवार) को रेलवे ट्रैक पर रेल चक्का जाम कर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मोर्चा के नेता विनोद कुमार मौर्य ने रेल मंडल प्रबंधक एवं जिला प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी सुविधा को अचानक बंद कर देना उचित नहीं है। प्रशासन को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
धरना के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि आम जनता की बुनियादी सुविधा बहाल कराने के लिए किया जा रहा है। यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना में विनोद कुमार मौर्य, राजनारायण चौधरी, भृगु चौहान, राहुल नौवारी, पिंटू साहनी, मुन्ना ओझा, शिखल रजक, रतनभर खरवार, कृष्णा पाठक, पुष्पा देवी, कृष्णावती देवी, सुनीता देवी, अर्जित कुमार, राजकुमार, सिपाही राजभर, भोदा देवी सहित बड़ी संख्या में मोर्चा के कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।





