काशी में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन उमड़ा भक्ति का सागर, रुक्मिणी विवाह और कृष्ण-सुदामा मिलन प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज परिसर में चल रही कथा में छप्पन भोग का भव्य आयोजन, स्वामी परिपूर्णानंद जी सहित कई विशिष्ट अतिथि हुए शामिल; सोमवार को विशाल भंडारे का आयोजन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी के महामनापुरी कॉलोनी (हैदराबाद गेट) स्थित महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज के प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें और मुख्य दिवस पर रविवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। पूज्य आचार्य श्री गोविन्द दूबे जी महाराज (वृन्दावन धाम) के सानिध्य में पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया। कथा के दौरान तालियों की गूंज, मंगल गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
आचार्य श्री गोविन्द दूबे जी महाराज ने रुक्मिणी विवाह के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए कहा कि रुक्मिणी साक्षात भक्ति का स्वरूप हैं। भगवान को प्राप्त करने के लिए मनुष्य को अनन्य प्रेम, अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है तो प्रभु स्वयं उसके जीवन में प्रकट होकर उसकी रक्षा करते हैं। कथा के दौरान जब भगवान श्री कृष्ण और सुदामा के मिलन का प्रसंग सुनाया गया तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठे। मित्रता और निस्वार्थ प्रेम की इस मार्मिक कथा ने सभी को भावविभोर कर दिया और कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस पावन अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति भी रही। स्वामी परिपूर्णानंद जी महाराज के साथ बक्सर से आए विनोद उपाध्याय, प्रकाश चंद्र, संजय ओझा, प्रकाश पाण्डेय, अभिषेक ओझा, सरोज, अखिलेश, आशुतोष, अजय पांडेय, बब्लू पाण्डेय, अमित और कृष्णा चौबे समेत अनेक श्रद्धालु विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने व्यास पीठ का पूजन किया तथा भगवान के स्वरूपों की आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा के सातवें दिन मुख्य आयोजक अमित पाण्डेय और विजय जी (दुर्गा इन्फ्रासिटी एवं वैभव लक्ष्मी एसोसिएट) के विशेष प्रयासों से छप्पन भोग का भव्य आयोजन किया गया। रुक्मिणी विवाह की रस्मों के दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु झूम उठे और भक्ति गीतों पर जमकर नृत्य किया। कथा के क्रम में योगेश्वर संवाद और हवन के साथ पूर्णाहुति संपन्न हुई। आयोजकों ने बताया कि सोमवार 16 मार्च को प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।





