महर्षि विश्वामित्र आश्रम बड़ी मठिया की अस्थायी न्यासी बनी डीएम, धार्मिक न्यास बोर्ड ने जारी किया पत्र
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा भ्रष्टाचार पर कसेगा शिकंजा, जिले के लोगों को मिलेगा लाभ


न्यूज़ विज़न। बक्सर
रामरेखा घाट स्थित प्राचीन महर्षि विश्वामित्र आश्रम बड़ी मठिया से जुड़ा एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय सामने आया है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने आश्रम के सुचारु संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बक्सर की जिलाधिकारी साहिला को आश्रम का अस्थायी न्यासी नियुक्त किया है। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसे आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
महर्षि विश्वामित्र आश्रम बड़ी मठिया की पहचान न केवल बक्सर बल्कि देश के अन्य राज्यों तक फैली हुई है। आश्रम का विस्तार असम प्रांत के डिब्रूगढ़ तक बताया जाता है। ऐसे में डीएम को न्यासी बनाए जाने का निर्णय आश्रम की ऐतिहासिक परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आधुनिक प्रशासनिक मूल्यों को अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। समिति के सदस्यों ने इस अवसर पर कहा कि जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र साधना से राजर्षि बने थे, उसी प्रकार डीएम साहिला के नेतृत्व में आश्रम नई ऊँचाइयों को छुएगा।
भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर सख्ती
आश्रम में पूर्व में आवंटन, गबन और आर्थिक अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में जिलाधिकारी की नियुक्ति से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है। समिति का मानना है कि यह कदम आश्रम की संपत्तियों और आय के सही उपयोग को सुनिश्चित करेगा तथा बंदरबांट पर रोक लगाएगा। स्थानीय लोगों और समिति सदस्यों का कहना है कि आश्रम को पूर्व की भांति सुसज्जित किया जाएगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भक्तों और पर्यटकों को बेहतर ठहराव, पूजा-पाठ एवं यज्ञ के लिए समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो सके। इस पहल से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलने की मांग
गुरुवार को समिति के सदस्यों ने डीएम को पत्र सौंपकर मांग की है कि ट्रस्ट का तत्काल किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खुलवाया जाए, जिससे आश्रम की आय-व्यय प्रक्रिया पारदर्शी हो और वित्तीय अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लग सके। महिलाओं की भूमिका को मिलेगा सशक्त संदेश इस नियुक्ति को समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है। प्रशासनिक और आध्यात्मिक क्षेत्र के इस संगम से एक सकारात्मक संदेश पूरे समाज में जाएगा।
वीडियो देखें :





