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प्रधान सचिव ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित एवं सख्ती से करने का दिया निर्देश

प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, सी. के. अनिल ने अधिकारियों के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित समीक्षा बैठक की

न्यूज विजन। बक्सर
प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना सी. के. अनिल की अध्यक्षता में बक्सर जिला अंतर्गत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्सथित सभाकक्ष में आयोजित की गई।बैठक में डीएम साहिला, एडीएम, बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी; भूमि सुधार उप समाहर्ता, बक्सर एवं डुमरांव, राजस्व प्रभारी, सभी सीओ, राजस्व पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। मौके पर प्रधान सचिव ने बक्सर जिले को राजस्व मामलों में आदर्श जिला के रूप में विकसित करने हेतु सभी स्तरों पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

 

उन्होंने दाखिल खारिज, म्यूटेशन, परिमार्जन, आधार सीडिंग, भू-लगान, आरओआर, लैंड बैंक, जन शिकायत, राजस्व महाभियान, राजस्व न्यायालय तथा भू-अर्जन से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। सभी सीओ को निर्देश दिया कि वे राजस्व कर्मचारी एवं अमीन की दैनिक डायरी संधारित कराते हुए उनके कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही सभी राजस्व कर्मचारियों का आधिकारिक ई-मेल आईडी तैयार कर उसे सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया।

 

प्रधान सचिव ने सभी प्रशासनिक एवं अर्द्ध न्यायिक कार्यों में संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत समानता के सिद्धांत का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया। किसी भी प्रकार का भेदभाव, पक्षपात या चयनात्मक निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा। समान परिस्थितियों में भिन्न निर्णय लिए जाने की स्थिति में उसका स्पष्ट एवं लिखित कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। सभी सीओ को राजस्व महा अभियान से संबंधित प्रतिवेदन दो दिनों के भीतर अपलोड करना सुनिश्चित करने तथा आधार सीडिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रत्येक अंचल स्तर पर लैंड बैंक का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा इससे संबंधित सभी कार्य 15 जनवरी 2026 से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं। सरकारी भूमि का डिजिटलीकरण शीघ्र पूर्ण करने तथा यदि किसी स्तर पर बिना सक्षम अनुमति के सरकारी, खास महल अथवा अन्य भूमि की जमाबंदी की गई हो तो उसके निरस्तीकरण का प्रस्ताव अविलंब सक्षम प्राधिकारी को भेजने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित एवं सख्ती से करने का भी निर्देश दिया गया।

 

प्रधान सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि भूमिहीन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) परिवारों को नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से सरकारी भूमि पर दखल दिलाना सभी अंचलाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। परिमार्जन मामलों पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया गया कि सभी परिमार्जन प्रकरणों का निष्पादन अधिकतम 75 दिनों की समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। सभी अंचलाधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों को निर्देशित किया गया कि दिनांक 1 जनवरी 2026 तक लंबित सभी आवेदनों का निष्पादन एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त सभी अंचलाधिकारी अपने-अपने अंचल के लिए आगामी तीन माह की कार्ययोजना तैयार कर जिला पदाधिकारी, बक्सर को समर्पित करेंगे। भू-अर्जन मामलों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि शिविर आयोजित कर रैयतों से आवेदन प्राप्त किए जाएं तथा जांचोपरांत पात्र हितग्राहियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

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