बिहार में 65 प्रतिशत आरक्षण लागू करने एवं सामाजिक न्याय के अन्य मामलों को लेकर इंकलाबी नौजवान सभा का 18 मार्च को राजभवन मार्च


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बुधवार को जिला परिषद, डाक बंगला, बक्सर में इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ० अजीत कुमार सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने समता आंदोलन के आह्वान पर आगामी 18 मार्च को पटना में प्रस्तावित राजभवन मार्च में बक्सर सहित पूरे बिहार से छात्र-नौजवानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
डॉ० अजीत कुमार सिंह ने कहा कि 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी “उच्च शिक्षा संस्थानों में इक्विटी के प्रचार” संबंधी नियम सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान और अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करना और समानता व समावेश को बढ़ावा देना है। यह भी याद रखना चाहिए कि यह वर्षों के छात्र आंदोलनों, सामाजिक संघर्षों और न्यायिक हस्तक्षेपों के दबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। रोहित वेमुला, पायल तडवी और दर्शन सोलंकी जैसे मामलों ने यह साबित किया कि उच्च शिक्षा संस्थान भी सामाजिक भेदभाव से मुक्त नहीं हैं। यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार 2019 से 2024 के बीच विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति-आधारित भेदभाव की शिकायतों में लगभग 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
डॉ० सिंह ने कहा कि नए नियमों में ओबीसी समुदाय को भी इक्विटी सुरक्षा के दायरे में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कुछ विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों द्वारा इन नियमों का विरोध किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। समानता और सामाजिक न्याय कोई रियायत नहीं बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। यदि विश्वविद्यालयों में समान अवसर और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित नहीं किया गया, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा होगा। डॉ० अजीत कुमार सिंह ने कहा कि समता आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा और समाज में समान अवसर सुनिश्चित करना तथा भेदभाव और सामाजिक अन्याय के खिलाफ व्यापक जन जागरण खड़ा करना है। इसी उद्देश्य से 18 मार्च को पटना में राजभवन मार्च आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बक्सर जिले के छात्र-नौजवानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और प्रगतिशील नागरिकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में पटना पहुंचकर इस आंदोलन को मजबूत बनाएं और शिक्षा संस्थानों में समानता, न्याय और सम्मान के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।
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