कृषि विशेषज्ञों ने कहा -यूरिया एवं डीएपी के स्थान पर मिश्रित उर्वरक का करें उपयोग


न्यूज विजन। बक्सर
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान के अन्तर्गत आईसीएआर का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पैक्स के प्रतिनिधियों एवं किसानों के लिए सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे पैक्स अध्यक्ष, प्रबंधक, सदस्य एवं किसानों सहित 90 से अधिक लोगो ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देष्य प्राथमिक कृषि समिति के सदस्यों को उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को एक अभियान का रूप देना तथा समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और अन्य टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है ।
कार्यक्रम मे पैक्स के सदस्यों ने उर्वरकों के समय से उपलब्ध कराने की बात कहीं। साथ ही यूरिया एवं डीएपी के स्थान पर मिश्रित उर्वरक एनपीकेएस, एनपीके, नैनो डीएपी आदि उर्वरकों को उचित मूल्य पर प्रत्येक पैक्स मे उपलब्ध कराने पर जोर दिया। किसानों ने पराली प्रबंधन को अपने-अपने गांव मे एक अभियान के रूप जागरूक करने के लिए सहमति जताई। महिला किसानों ने विभाग द्वारा समय पर उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि जिला सहकारिता पदाधिकारी चन्द्रमा राम ने लोगों को सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। आईसीएआर, पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ उज्ज्वल कुमार ने किसानों को मिट्टी जांच के उपरांत ही उर्वरकों के संतुलित मात्रा मे प्रयोग करने की शपथ दिलाई। साथ ही मूंग, ढैचा, लोबिया, आदि फसल को हरी खाद के रूप मे प्रयोग कर खेत को उर्वर बनाने की बात कही।
केविके के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ देवकरन ने सभी अतिथियों को स्वागत करते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व एवं उपयोग तथा वर्षा जल संरक्षण की तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से महिला एवं पुरूष किसानों को किचेन गार्डेन हेतु सब्जी किट उपादान सहयोग किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लीची का वृक्षारोपण किया गया।
मौके पर चौसा के प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार, पैक्स प्रतिनिधि मुकेष कुमार सिंह, रिंकु राय, पप्पु यादव, चंदन कुमार सिंह, लालजी साह, मंजय कुमार यादव, नवनीत कुमार उपाध्याय, नागेन्द्र प्रसार, राजु ओझा, उषा कुमारी, विंदेश्वरी देवी, ललन राम, ज्योति प्रकाश, सावित्री देवी, रिंजु देवी, रमावती देवी मौजूद थीं।





