बक्सर में बिना पंजीकरण के नहीं चलेंगे गर्ल्स हॉस्टल एवं लॉज : एसपी
एसपी शुभम आर्य का ऐलान—24 घंटे महिला वार्डन, सीसीटीवी, बायोमेट्रिक और पुलिस सत्यापन अनिवार्य; छात्राओं की सुरक्षा पर “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले में संचालित गर्ल्स हॉस्टल और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को बक्सर पुलिस प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। शुभम आर्य ने प्रेसवार्ता में स्पष्ट कर दिया कि अब बिना वैध पंजीकरण कोई भी हॉस्टल या लॉज संचालित नहीं होगा। छात्राओं की सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16 और 21 के तहत महिलाओं को समान अवसर और गरिमामय जीवन का अधिकार प्राप्त है। राज्य में बालिकाओं की उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को देखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बड़ी संख्या में छात्राएं पढ़ाई के लिए घर से दूर रह रही हैं, ऐसे में सुरक्षित और अनुशासित माहौल उपलब्ध कराना अनिवार्य हो गया है।
पंजीकरण और 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य
जिले में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का सक्षम प्राधिकार से अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाएगा। प्रत्येक संस्थान में 24 घंटे महिला वार्डन की तैनाती जरूरी होगी। वार्डन, गार्ड, रसोइया समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराकर संबंधित थाने में अभिलेख जमा करना होगा।
सीसीटीवी, 30 दिन का बैकअप और प्रकाश व्यवस्था
सुरक्षा के मद्देनज़र मुख्य गेट, गलियारे, डायनिंग हॉल और पूरे परिसर में हाई रेजोल्यूशन एचडी सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इन कैमरों का कम से कम 30 दिनों का बैकअप सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही परिसर, सीढ़ियों और कॉरिडोर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कमरों में मजबूत सुरक्षा इंतजाम
प्रत्येक कमरे में मजबूत दरवाजे, अंदर से कुंडी, सुदृढ़ ताले और खिड़कियों पर लोहे की जाली लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को न्यूनतम किया जा सके। हर हॉस्टल में विजिटर रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा, जिसमें आगंतुक का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण दर्ज किया जाएगा। छात्राओं के कमरों वाले हिस्से में पुरुषों (रिश्तेदारों सहित) के प्रवेश पर पूर्ण रोक रहेगी। मुलाकात के लिए अलग विजिटर रूम की व्यवस्था करनी होगी।
बायोमेट्रिक उपस्थिति और आपातकालीन नंबर प्रदर्शित
रात्रिकालीन उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया गया है। रिसेप्शन और कॉमन एरिया में स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। छात्राओं और स्टाफ को 112 इंडिया ऐप के वुमन सेफ्टी फीचर की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या छात्रा की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में वार्डन को तत्काल अभिभावकों और स्थानीय पुलिस को सूचित करना होगा। एसपी ने दोहराया कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले हॉस्टल और लॉज संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इसे छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में “जीरो टॉलरेंस” नीति का हिस्सा बताया है।





