ट्यूशन शिक्षक दुष्कर्म मामले में दोषी, कोर्ट ने सजा पर फैसला 2 सितंबर तक सुरक्षित रखा




न्यूज़ विज़न। बक्सर
पाॅक्सो अदालत के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत में मंगलवार को एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में आरोपी ट्यूशन शिक्षक सतीश राजभर को दोषी करार दिया है। हालांकि सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रखा गया है, जिसे आगामी 2 सितंबर को सुनाया जाएगा।









विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सतीश राजभर, राजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी है और ट्यूशन पढ़ाने का काम करता था। उसके पास नजदीकी गांव की छात्रा भी पढ़ने जाती थी। आरोप है कि इसी दौरान शिक्षक ने छात्रा को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि शिक्षक ने घटना की जानकारी किसी को न बताने की धमकी भी दी थी। डर की वजह से छात्रा लंबे समय तक चुप रही। लेकिन बाद में जब परिजनों को मामले की भनक लगी तो उन्होंने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद राजपुर थाना में आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।





जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने छात्रा का कई बार शारीरिक शोषण किया। पीड़िता की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट समेत प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोपी को कठोर सजा देने की मांग की। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शिक्षक पहले से शादीशुदा है। उसे पुलिस ने 13 जुलाई 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह काराधीन है। अदालत ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को भारतीय दंड विधान की धारा 376 (दुष्कर्म) तथा पाॅक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत दोषी पाया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी ने न केवल एक नाबालिग छात्रा के विश्वास को तोड़ा बल्कि समाज में शिक्षक-शिष्य संबंध की पवित्रता को भी कलंकित किया है। कोर्ट ने फिलहाल सजा पर फैसला सुरक्षित रखा है। आगामी 2 सितंबर 2025 को अदालत इस मामले में सजा की अवधि और स्वरूप पर अंतिम निर्णय सुनाएगी।

