डुमरांव में ट्रांसफार्मर तेल चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
कृषि फीडर के ट्रांसफार्मरों से तेल निकालकर ब्लैक मार्केट में बेचता था गिरोह, डीजल में मिलाकर भी खपाया जाता था तेल; किसानों की सिंचाई पर पड़ रहा था सीधा असर


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में कृषि फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। डुमरांव पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ट्रांसफार्मरों से तेल निकालकर उसे ब्लैक मार्केट में बेचने का काम करते थे। चोरी किए गए इस तेल को डीजल में मिलाकर भी बाजार में खपाया जाता था।
इस मामले का खुलासा डुमरांव के एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने प्रेसवार्ता में किया। उन्होंने बताया कि डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान सुरौंधा गांव के पास एक कृषि ट्रांसफार्मर के पास संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। पुलिस जब मौके के करीब पहुंची तो देखा कि एक युवक ट्रांसफार्मर पर चढ़कर उसका तेल निकाल रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी करने वाले एक गिरोह का सदस्य है। गिरफ्तार युवक की पहचान अरियांव गांव निवासी संतोष कुमार उर्फ टुनटुन यादव (पिता रामाधार यादव) के रूप में हुई है। संतोष की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के एक अन्य सदस्य को भी गिरफ्तार किया। दूसरी गिरफ्तारी लालगंज कड़वी इलाके से की गई, जिसकी पहचान अरियांव निवासी पंकज यादव (पिता रामजी यादव) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की वारदात में इस्तेमाल होने वाले कई सामान बरामद किए हैं। इनमें एक अपाचे मोटरसाइकिल, एक ई-रिक्शा तथा करीब ढाई लीटर ट्रांसफार्मर का तेल शामिल है। जब्त ई-रिक्शा और बाइक दोनों संतोष उर्फ टुनटुन यादव के नाम पर पंजीकृत बताए गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसे व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिली, जो चोरी किए गए तेल को बाजार में खपाने का काम करता था। उसकी पहचान अरियांव गांव के चुन्नू साह (पिता खेमराज साह) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार चुन्नू साह गिरोह से तेल खरीदकर उसे अवैध रूप से बाजार में बेचता था।
एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने बताया कि इस मामले में कुछ अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कृषि फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी की कई घटनाएं सामने आई थीं। अब तक ऐसे एक दर्जन से अधिक मामले पुलिस के संज्ञान में आ चुके हैं। इन घटनाओं से किसानों की परेशानियां काफी बढ़ गई थीं। दरअसल, कृषि ट्रांसफार्मरों से तेल निकाल लिए जाने के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती थी, जिससे सिंचाई पर सीधा असर पड़ता था। इस समय गेहूं की फसल की अंतिम सिंचाई का दौर चल रहा है और बिजली आपूर्ति ठप होने से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। विद्युत विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार ट्रांसफार्मर में भरा तेल बिजली आपूर्ति प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह तेल ट्रांसफार्मर के अंदर मौजूद कॉइल और अन्य उपकरणों को ठंडा रखने के साथ-साथ इंसुलेशन का काम करता है, जिससे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं से बचाव होता है। यदि ट्रांसफार्मर से तेल निकाल लिया जाता है तो उसके खराब होने की संभावना काफी बढ़ जाती है और बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो सकती है। ट्रांसफार्मर तेल की बाजार में अच्छी कीमत और बहु उपयोगिता के कारण इसकी चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। चोरी किया गया तेल अवैध रूप से छोटे कारखानों, मशीनों और जेनरेटरों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कई मामलों में इसे डीजल में मिलाकर भी बेचा जाता है।
बाजार में ट्रांसफार्मर तेल की कीमत सामान्य तौर पर 80 से 150 रुपये प्रति लीटर के बीच होती है, जबकि उच्च गुणवत्ता वाला इंसुलेटिंग ऑयल 150 से 250 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है। बड़े ट्रांसफार्मरों में सैकड़ों लीटर तेल भरा होता है, ऐसे में एक बार की चोरी में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का नुकसान हो सकता है। एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हुई है। साथ ही कृषि ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा बढ़ाने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है तथा क्षेत्र में पुलिस गश्त भी तेज कर दी गई है।





