बाजारों में रौनक बढ़ी: तुर्की और इंडोनेशियाई की टोपी पहन अदा करेंगे ईद की नमाज
ईद त्योहार को लेकर शहर के बाजार में बढ़ी चहल-पहल, खरीदारी को उमड़ रही भीड़


न्यूज विजन। बक्सर
ईद त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बाजार में कपड़ा की दुकानों से लेकर सेवई, ड्राई फ्रूट्स आदि की दुकानों पर खरीदारों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर टोपी की दुकानों पर लोग अपने मनपसंद टोपियों की खरीदारी कर रहे हैं। रमजान इबादत का महीना है। इबादत के वक्त मुसलमान सिर पर टोपी लगाते हैं। दुकानदारों की मानें तो इस महीने में टोपियों की अच्छी बिक्री चल रही है। त्योहार को लेकर बाजार में एक से एक डिजाइन में देशी व विदेशी टोपियां उपलब्ध है। बाजारों में विदेशी टोपियों की डिमांड बढ़ गई है।
ईद के रोज मुसलमान नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में जाते हैं। नमाज के वक्त टोपी का खास महत्व है। दुकानदारों ने दिल्ली और कोलकात्ता की मंडी से देशी और विदेशी टोपी मंगा रखी है। ठठेरी बाजार स्थित मन्नत स्टोर के प्रोपराइटर एजाज अहमद ने बताया कि इंडोनेशिया, बांग्लादेशी, तुर्की, अरगुलगाजी की टोपी की मांग अधिक है। उन्होंने बताया कि विदेश से आने वाली टोपियों में सबसे ज्यादा तुर्की और इंडोनेशिया की टोपी की डिमांड है। तुर्की की टोपी काटन की बनी होती है। इसको पहनने से लेकर इसको रखने में लोगों को आसानी होती है। इसलिए सबसे ज्यादा तुर्की की टोपी पसंद की जाती है। इसी तरह से फैंसी टोपियों की भी डिमांड ईद के समय पर बढ़ जाती है। जिसमें सबसे ज्यादा बांग्लादेशी टोपियां लोग पसंद करते हैं, जो कुर्ते और पायजामे के साथ ज्यादा अच्छी लगती है।
दुकानदारों की मानें तो पिछले साल के मुकाबले टोपियों के भाव में 10 प्रतिशत इजाफा हुआ है। महंगाई बढ़ने के बावजूद लोग अपनी पसंद की टोपियां खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि अफगानी टोपी 80 से 200 रुपये, इंडोनेशिया की टोपी 20 से 60 रुपये, बांग्लादेशी टोपी 60 से 200 रुपये, तुर्की टोपी 20 से 100 रुपये, अरतगुलगाजी टोपी 200 से 500 रुपये पीस के भाव से बिक्री की जा रही है। इसी तरह से दस्तरखान 120 रुपये से 200 रुपये पीस, सूरमा ममीरा 30 से 50 रुपये शीशी का भाव से बिक्री किया जा रहा है।





