सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बाल संरक्षण पुलिस पदाधिकारियों का प्रशिक्षण
किशोर न्याय नियमावली के तहत विभिन्न धाराओं की दी गयी विस्तृत जानकारी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा दिए गए आदेश के आलोक में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना द्वारा निर्देशित कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के प्रांगण में जिले में कार्यरत सभी बाल संरक्षण पुलिस पदाधिकारियों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक हर्षवर्धन सिंह, प्रधान दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद, प्रकाश कुमार, परामर्शदाता, जिला बाल संरक्षण इकाई, विनय कुमार सिंहा, चीफ विधिक सहायता प्रतीक्षा प्रणाली एवं कुमार मानवेंद्र डिप्टी चीफ, विधिक सहायता प्रतीक्षा प्रणाली रहे। जिले के सभी कार्यरत बाल संरक्षण पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया l
मौके पर हर्षवर्धन सिंह प्रधान दंडाधिकारी किशोर न्याय परिषद ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 के अंतर्गत sec 107 में दिए गए प्रावधानों में विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी का गठन किया जाना है l जिसमें पुलिस उपाधीक्षक रैंक के पदाधिकारी विशेष किशोर पुलिस नोडल पदाधिकारी के रूप में होते हैं, जिले के प्रत्येक थाना में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी नामित होते हैंl जिन्हें कम से कम सब इंस्पेक्टर रैंक का होना अनिवार्य हैl बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017 की धारा 8 के अंतर्गत बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, विधि विवादित बालकों के केस के अपराध की सूचना दैनिक डायरी में अभी लिखित करेंगे एवं प्रारूप 01 के अंतर्गत बालक की सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी, किशोर न्याय परिषद को उपलब्ध कराएंगे बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी प्रारूप – 01 में बालक के द्वारा किए गए अभी कथित अपराध के स्वरूप की जानकारी को उपलब्ध कराएंगेl सामाजिक पृष्ठभूमि का मुख्य उद्देश्य विधि विवादित बालक के द्वारा घटना के संबंध में भौतिक सत्यापन करना है घटना की वस्तु स्थिति को समझना बालक की घटना में संलिप्त एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का पता लगाना ताकि किशोर न्याय परिषद आपके द्वारा दिए गए रिपोर्ट को अध्ययन करने के उपरांत बालक के बाद में उचित निर्णय ले सके, इसके साथ ही उन्होंने बहुत सी अन्य बातों के बारे में उपस्थित सभी बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई तथा प्रशिक्षण में उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारी द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिएl
मौके पर प्रकाश कुमार परामर्शदाता, जिला बाल संरक्षण इकाई, बक्सर द्वारा उपस्थित पुलिस पदाधिकारी को बताया गया कि प्रारूप- 01 के अंतर्गत विधि विवादित बालक के संबंध में व्यक्तिगत जानकारी लेना जैसे बालक का नाम, उम्र, धर्म, माता-पिता एवं रिश्तेदार का पता, बालक की शिक्षा, बालक के दोस्त, उसकी मानसिक स्थिति, बालक की आदते, अच्छी – बुरी आदि परिवार के किसी सदस्य की वाद में संलिप्तता, बालक का इस्तेमाल किसी गैंग अथवा विकास के द्वारा, अन्य अपराध आदि, के लिए माता-पिता की अपेक्षा, अथवा हम उनके प्रभाव आदि, में स्थिति जिनमें बालक को पकड़ा गया, बालक से प्राप्त सामान का बीड़ा अपराध में बालक की तथाकथित भूमिका, बाल अधिकारी के सुझाव आदि को न्यायालय के समक्ष रखना अनिवार्य रूप से हैं l साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017 की धारा 8 की उप धारा 2 के अंतर्गत पुलिस पदाधिकारी जब बालक को पकड़ती है, तब वह उसे थाना के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी को इसकी जानकारी प्रदान करेंगेl बालक का बोर्ड में उपस्थापन शादी वर्दी में करेंगेl बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017 की धारा 8 की उप धारा 2 (3) के अंतर्गत बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी 24 घंटे के भीतर किशोर न्याय परिषद अथवा बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थापन सुनिश्चित करेंगेl
साथ ही बालकों को हथकड़ी या बेरी नहीं लगाएंगे, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी विधि विवादित बालक के केस में किशोर न्याय परिषद तथा देखरेख एवं संरक्षण वाले बालक बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थापन करेंगे। मौके पर श्री विनय कुमार सिन्हा, चीफ विधिक सहायता प्रतीक्षा प्रणाली, बक्सर ने कहा कि किशोर न्याय परिषद एवं विधि विवादित बालकों के वाद से संबंधित कार्य में सहयोग करने हेतु विधि सब परीक्षा अधिकारी की नियुक्ति राज्य सरकार के द्वारा किया जाता है l किशोर न्याय अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 प्रशिक्षण 13 की धारा 2 के अंतर्गत किशोर न्याय परिषद के आदेश अनुसार विधि विवादित बालक के बाद के संबंध में जानकारी प्राप्त करने जांच पड़ताल हेतु परीक्षा अधिकारी को दो सप्ताह के भीतर बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017 प्रारूप 06 में सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट तैयार करते हुए को उपलब्ध कराना हैl इसके प्रारूप – 06 के अंतर्गत बालक की व्यक्तिगत जानकारी होती है, जैसे बालक का नाम अभिभावक का नाम पता आदि पारिवारिक रिश्ते, पारिवारिक आपसी संबंध, पारिवारिक आपराधिक मामला आदि बालक की पढ़ाई शिक्षा मित्रता आदि वे परिस्थितियों जिन्हें बालक को गिरफ्तार किया गया थाl अपराध में बालक की कथा करते भूमिका आदिl मौके पर कार्यालय कर्मी सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, सुमित कुमार, सुनील कुमार, मनोज कुमार रवानी, मोहम्मद अकबर अली आदि सभी मौजूद रहे l





