महाशिवरात्रि पर सोखा-धाम में होगा ‘सोखा विशेषांक’ का होगा भव्य लोकार्पण
लोक परंपरा और आस्था का संगम बनेगा सोखाड़ मेला


न्यूज़ विज़न। बक्सर
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था और साहित्य का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जब सोखा-धाम उर्फ़ सोखाड़ मेला परिसर में स्वर्गीय राम स्वरूप तिवारी द्वारा लिखित ‘सोखा-विशेषांक’ का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। इस विशेषांक का संपादन डॉ. वैरागी प्रभाष चतुर्वेदी ने किया है, जबकि संशोधन का कार्य राकेश सिंह ने संपन्न किया है।
इस गरिमामय अवसर पर भोजपुरी साहित्य मण्डल के अध्यक्ष प्रो. अरुण मोहन भरवि के कर-कमलों द्वारा विशेषांक का लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में सोखा धाम के भक्तों, स्थानीय ग्रामीणों तथा साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रहेगी। ‘सोखा-विशेषांक’ में सोखा धाम के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। साथ ही सोखाड़ मेला जैसी प्राचीन लोक परंपरा पर एक शोधपरक आलेख भी शामिल किया गया है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करता है।
विशेषांक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नई पीढ़ी को सोखा धाम एवं सती धाम के महत्व से अवगत कराना है, ताकि स्थानीय आस्था-स्थलों की पहचान और गौरव सुरक्षित रह सके। यह प्रकाशन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय इतिहास और लोकसंस्कृति के संरक्षण की दिशा में भी एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।
महाशिवरात्रि पर उमड़ेगी आस्था
महाशिवरात्रि के अवसर पर सोखा-धाम में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार विशेषांक के लोकार्पण के साथ आयोजन को और भी विशेष रूप मिलने की उम्मीद है। धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन और मेला की रौनक के बीच यह साहित्यिक कार्यक्रम आयोजन की गरिमा को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि इस प्रकार के प्रकाशन क्षेत्रीय धरोहरों के संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सोखा-विशेषांक का लोकार्पण निश्चित ही महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व को और यादगार बना देगा।





