सिलकुटवा मोहल्ला में तोड़ने की नोटिस पर माले का विरोध, ‘पहले पुनर्वास फिर विस्थापन’ की मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सोमवार को सिलकुटवा मोहल्ला, बक्सर में खाली कराने के लिए दी गई तोड़ने की नोटिस के खिलाफ भाकपा-माले का एक शिष्टमंडल सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से मिलने पहुंचा। हालांकि कार्यपालक अभियंता के कार्यालय में मौजूद नहीं रहने के कारण प्रतिनिधिमंडल ने उनके द्वारा अधिकृत कर्मचारी से मुलाकात कर मामले पर विस्तृत चर्चा की।
शिष्टमंडल ने सिलकुटवा मोहल्ला में जारी तोड़ने की नोटिस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वर्षों से बसे लोगों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना अन्यायपूर्ण है। अधिकारियों की ओर से जानकारी दी गई कि सोन नहर की जमीन पर बसे सभी लोगों को नोटिस जारी किया गया है और यह कार्रवाई व्यापक स्तर पर की जा रही है। माले नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह जमीन या आवास की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने ‘पहले पुनर्वास, फिर विस्थापन’ की मांग को प्रमुखता से रखा।
चर्चा के दौरान संबंधित कर्मचारी ने आश्वासन दिया कि अगली नोटिस जारी होने तक तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आश्वासन के बाद शिष्टमंडल ने कहा कि यदि प्रशासन ने मानवीय आधार पर निर्णय नहीं लिया तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। शिष्टमंडल में माले के इटाढ़ी सचिव जगनरायण शर्मा, नगर सचिव ओम प्रकाश (बक्सर), नगर अध्यक्ष अखिलेश ठाकुर (AISA, बक्सर), जिला संयोजक राजदेव सिंह (RYA, बक्सर) तथा जिला सचिव संध्या पाल (AIPWA) शामिल रहे। नेताओं ने कहा कि वे प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।





