वरिष्ठ अधिवक्ता सचिदानंद राय के निधन पर न्यायालय में शोकसभा


न्यूज़ विज़न। बक्सर
व्यवहार न्यायालय में वर्ष 1963 से अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सचिदानंद राय के निधन से अधिवक्ता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के अधिवक्ताओं, न्यायिक पदाधिकारियों एवं न्यायालय से जुड़े कर्मियों में गहरा दुःख व्याप्त हो गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता सचिदानंद राय का पंजीयन संख्या 391/1963 था। वे पिछले कई दशकों से व्यवहार न्यायालय में सक्रिय रहकर न्यायिक सेवा में योगदान दे रहे थे। वे नगर थाना क्षेत्र के निवासी थे और अपने मृदुभाषी, सरल एवं मिलनसार स्वभाव के कारण अधिवक्ताओं तथा न्यायालय कर्मियों के बीच अत्यंत सम्मानित थे। उनके निधन पर जिला अधिवक्ता संघ की ओर से गहरा शोक व्यक्त किया गया। दिवंगत अधिवक्ता के सम्मान में शुक्रवार को जिला अधिवक्ता संघ द्वारा न्यायिक कार्य से विरत रहे, जिसके तहत पूरे दिन न्यायालयों में कार्य नहीं हुआ। यह निर्णय अधिवक्ता समुदाय की ओर से उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक रहा। दिवंगत अधिवक्ता सचिदानंद राय की स्मृति में व्यवहार न्यायालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में सभी न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय से जुड़े लोग उपस्थित रहे। सभा के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव विन्देश्वरी प्रसाद पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय ने कहा कि सचिदानंद राय का निधन पूरे अधिवक्ता समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि राय अपने लंबे कार्यकाल में न्याय के प्रति समर्पित, कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार अधिवक्ता के रूप में पहचाने जाते थे। उनके मार्गदर्शन और अनुभव से कई युवा अधिवक्ताओं को लाभ मिला। वहीं अधिवक्ताओं सुबेदार पाण्डेय, कृपा राय एवं सरोज उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सचिदानंद राय अपने पूरे कार्यकाल में अनुशासन, ईमानदारी और पेशेवर निष्ठा के प्रतीक रहे। वे सदैव न्यायालय की गरिमा बनाए रखने और सत्य के पक्ष में खड़े रहने के लिए जाने जाते थे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान जिले के अधिवक्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक व्यक्त करने वालों में अधिवक्ता जनार्दन राय, रामनाथ ठाकुर, संजय राय, विनोद मिश्रा, बिनोद कुमार सिंह, मथुरा चौबे, आदित्य वर्मा, शेषनाथ ठाकुर, पिन्टु सिन्हा, सत्य प्रकाश राय, गणेश ठाकुर, जितेंद्र कुमार, मानवेन्द्र राय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता सचिदानंद राय का निधन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे न्यायिक और अधिवक्ता समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके द्वारा किए गए कार्य, उनका व्यवहार और न्याय के प्रति उनकी निष्ठा सदैव स्मरणीय रहेगी।





