मसूर की वैज्ञानिक विधि से खेती करने पर बढ़ेगा उत्पादन: डॉ रामकेवल
सिमरी प्रखंड के बड़का राजपुर प्रखंड में मसूर फसल उत्पादन पर प्रक्षेत्र दिवस का हुआ आयोजन


न्यूज विजन। बक्सर
जिले के सिमरी प्रखंड स्थित बड़का राजपुर गांव में मसूर फसल के सफल उत्पादन पर बुधवार को प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया। प्रक्षेत्र दिवस कार्यक्रम में सौ से अधिक किसानों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित एवं कृषि तकनीकी एवं अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान पटना के निर्देशन में कृषि विज्ञानं बक्सर द्वारा परियोजना “भारत में दालों की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए आदर्श दलहन ग्राम दृष्टिकोण का लाभ उठाना” के अंतर्गत माडल दलहन ग्राम के अंतर्गत किया गया। केविके के विशेषज्ञ डॉ रामकेवल ने बताया कि बक्सर के दियारा क्षेत्र बड़का राजपुर में बृहद स्तर पर मसूर की वैज्ञानिक खेती द्वारा प्रदर्शन कराया गया है, जो लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर की प्रजाति आई पीएल-220 का प्रदर्शन कराया गया है।
किसानों को उन्नत किस्म के संस्तुत बीज (16 किलोग्राम प्रति एकड़ ), बीज शोधन की जानकारी, पंक्ति में बुवाई के तरीके, समेकित कीट व्याधि प्रबंधन एवं पोषक तत्व के प्रबंधन के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी देकर प्रदर्शन कराया गया है। इसका उद्देश्य दियारा क्षेत्र के साथ साथ अन्य क्षेत्रों में भी दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिले तथा बक्सर में दलहन उत्पादन बढाकर भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि मसूर बिहार का एक बहुत ही महतवपूर्ण दलहन फसल है, जिसका उपयोग दाल, नमकीन दालमोट आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है। मसूर के साथ मटर , चना, तीसी, खेसारी आदि की अक्तूबर माह में पंक्ति में बुवाई करने से अधिक उपज प्राप्त होती है तथा रोग एवं व्याधि कम लगते है। मसूर के वैज्ञानिक विधि से खेती एवं प्रबंधन करने पर 15 से 18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज प्राप्त होती है। आज के प्रक्षेत्र दिवस में किसानों को उपरोक्त जानकारी डॉ. रामकेवल ने दी।
इस अवसर पर किसान सलाहकार छोटक यादव, अजय यादव, सुभाष यादव, बेचन श्रीवास्तव, ओमप्रकाश यादव, हृदयानंद चौधरी, धीरेन्द्र यादव, सुनैना देवी, मुन्नी देवी, ललिता देवी, रामवती देवी, राजेंद्र सह, शिवकुमार खरवार, मंतु कुमार गुप्ता सहित सौ से किसान मौजूद थे।





