OTHERS

सरस्वती विद्या मंदिर, सिविल लाइंस में त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला का भव्य समापन

नई शिक्षा नीति के मॉडल पर शिक्षण, अनुभवात्मक शिक्षा और वार्षिक गतिविधियों का तैयार हुआ रोडमैप

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
विद्या भारती संस्थान की शैक्षणिक नीति के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर, सिविल लाइंस में आयोजित त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला का बुधवार को भव्य समापन हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य नवीन शैक्षिक सत्र में अध्यापन को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप अधिक प्रभावी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाना था।

 

कार्यशाला के अंतिम दिन शिक्षकों के बीच शिक्षण की नई तकनीकों, डेमो क्लासेज और बच्चों में अनुभवात्मक एवं क्रियात्मक शिक्षण के माध्यम से अवधारणाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही पूरे वर्ष के लिए एक विस्तृत शैक्षणिक रोडमैप तैयार किया गया, जिसमें मातृ सम्मेलन, अभिभावक गोष्ठी एवं वार्षिकोत्सव जैसे प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा और समय निर्धारण किया गया। इस अवसर पर विद्या भारती के मूलभूत विषयों एवं प्रांतीय योजनाओं को पूर्ण समर्पण और प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया गया। कार्यशाला में इस बात पर बल दिया गया कि छात्रों का सर्वांगीण विकास, सुदृढ़ चरित्र निर्माण और उनमें संस्कारयुक्त राष्ट्रनिष्ठा की भावना विकसित करना ही शिक्षा का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए।

 

कार्यक्रम के दौरान महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष एवं विद्यालय के सचिव डॉ. भरत चौबे ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि नए सत्र में पूर्ण समर्पण के साथ विद्यार्थियों के हित में कार्य करें। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध नवीन शिक्षण संसाधनों एवं प्रयोगशालाओं का समुचित उपयोग कर छात्रों को शहर में सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। वहीं भोजपुर विभाग के विभाग निरीक्षक लाल बाबू प्रसाद ने कार्यशाला में तैयार योजनाओं का अवलोकन करते हुए शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से नए सत्र के लिए आचार्यों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया।

 

कार्यशाला में समिति की सदस्या नीलम देवी एवं पूनम देवी की भी सक्रिय सहभागिता रही। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस कार्यशाला में तैयार की गई योजनाएं निश्चित रूप से छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन से विद्यालय परिवार में उत्साह और संतोष का वातावरण देखा गया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button