RTE दाखिले से लेकर फीस तक तकरार : DEO की सख्ती के बीच बोले स्कूल संचालक “हमारी व्यवस्थाओं की कोई कद्र नहीं”
अभिभावकों की शिकायतों पर बुलाई गई बैठक में उठा भुगतान, रिन्यूअल और सेफ्टी ऑडिट का मुद्दा; स्कूल प्रबंधन ने कहा—सरकारी सहयोग के बिना सुविधाएं देना मुश्किल, फिर भी रियायत दे रहे


न्यूज़ विज़न। बक्सर
अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप रंजन के निर्देश पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार पाठक समेत बक्सर और डुमरांव अनुमंडल के कई निजी विद्यालयों के संचालक मौजूद रहे, जहां शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
बैठक के दौरान DEO ने RTE के तहत दाखिले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि या तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रवेश दिया जाए या नियमानुसार उसे अस्वीकार किया जाए। इस पर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार पाठक ने भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा उठाया और कहा कि समय पर राशि नहीं मिलने से विद्यालयों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस पर DEO ने बताया कि भुगतान से संबंधित प्रस्ताव जांच के बाद राज्य सरकार को भेजा जा चुका है और 34 में से 10 मामलों का निपटारा अभी शेष है। वहीं, डुमरांव के कैंब्रिज स्कूल के टीएन चौबे ने स्कूलों के रिन्यूअल में आ रही दिक्कतों को प्रमुखता से रखा। बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नियमित मासिक बैठक आयोजित की जानी चाहिए। इसके साथ ही DEO ने सभी स्कूलों को सेफ्टी ऑडिट और व्हीकल ऑडिट कराने का निर्देश दिया।
हालांकि, बैठक के दौरान स्कूल संचालकों ने अपनी पीड़ा भी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों को किसी प्रकार का सरकारी अनुदान नहीं मिलता, इसके बावजूद वे अपने सीमित संसाधनों से छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन उनकी इस व्यवस्था और प्रयासों को कोई खास महत्व नहीं दिया जा रहा है। संचालकों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने स्तर पर कई प्रकार के शुल्कों में अभिभावकों को रियायत देते हैं, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच यह संतुलन बनाना आसान नहीं है। इस बैठक को निजी विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बैठक में डॉ. मोहन चौबे, सरोज कुमार सिंह, निर्मल कुमार सिंह, रविंद्र सिंह, भरत कुमार, अजय मिश्रा सहित जिले के सभी निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे।





